Published On : Wed, Mar 7th, 2018

सत्तापक्ष ने नवनिर्वाचित सभापतियों को जारी किया फतवा, “वसूली, वसूली और सिर्फ वसूली”


नागपुर: समय की मांग के मद्देनज़र नागपुर महानगरपालिका में सत्तापक्ष नेता संदीप जोशी ने सभी नवनिर्वाचित सभापतियों से आवाहन किया कि किसी नेता का इंतज़ार न करते हुए दी गई जिम्मेदारियों के साथ न्याय करने के लिए अविलंब पदग्रहण करें। और साथ ही साथ अपने अपने अधीनस्त विभाग से सम्बंधित बकाया वसूली पर शत-प्रतिशत ध्यान दें।

मनपा की आर्थिक हालत नाजुक दौर से गुजर रही है, इस दौर में प्रशासन को सहयोग करने के लिए पदाधिकारियों का भरपूर सकारात्मक सहयोग मिले इसलिए सत्तापक्ष नेता जोशी ने सभी सभापतियों से गुजारिश की है कि अगले ३१ मार्च २०१८ तक सिर्फ और सिर्फ बकाया वसूली पर ध्यान केंद्रित करें।

उल्लेखनीय यह है कि जल्द ही मनपा का ‘रिवाइस बजट’ मनपायुक्त आश्विन मुद्गल मनपा के नवनिर्वाचित स्थाई समिति सभापति को सुपुर्द करेंगे। संभवतः इस ‘रिवाइस बजट’ में ७०० करोड़ के आसपास की कटौती की जा सकती है। पिछले स्थाई समिति के कार्यकाल में मंजूर प्रस्तावों को नई स्थाई समिति निधि दे और वर्तमान कार्यकाल के नए प्रस्तावों के लिए निधि की उपलब्धता के लिए सत्तापक्ष नेता की सकारात्मक पहल हो सकती है।

केंद्र और राज्य सरकार पर मनपा का २५० करोड़ से ज्यादा बकाया है। केंद्र राज्य में सत्तापक्ष की सरकार होने के बावजूद न बकाया न जीएसटी में बढ़ोतरी और न ही कड़की दूर करने के लिए विशेष अनुदान दी जाना, एक ज्वलंत सवाल है।

उक्त कड़की में नए स्थाई समिति सभापति का कार्यकाल कितना शहर व जनहितार्थ होगा, यह देखने लायक रहेगा।