Published On : Fri, Sep 20th, 2019

श्री कृष्ण की लीलाएं अद्भुत हैं:योगेश कृष्णजी महाराज

नागपुर: कुलदेवी महिला मंडल की ओर से पितृपक्ष पर श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ महोत्सव दुर्गा देवी मंदिर, नवाबपुरा, महाल में जारी है. कथा का रसपान चित्रकूट निवासी कथाकार बाल व्यास योगेश कृष्ण जी महाराज भक्तों को करा रहे हैं. कथा का समय 3 से 6 रखा गया है।

कथा के पंचम दिवस कथा व्यास ने कहा कि श्री कृष्ण के रूप भले ही अनेक हैं परंतु उनके हर रूप की लीला अद्भुत है. प्रेम को परिभाषित करने वाले, उसे जीने वाले इस माधव ने जिस क्षेत्र में हाथ रखा वहीं नए कीर्तिमान स्थापित किए. यशोदा मैया के लाडले श्री कृष्ण के व्यक्तित्व के अनेक पहलू हैं. वे मां के सामने रूठने की लीलाएं करने वाले बालकृष्ण हैं तो कभी अर्जुन को गीता का ज्ञान देने वाले योगेश्वर कृष्ण हैं. उनके व्यक्तित्व का सर्वाधिक आकर्षक पहलू दूसरे के निणयों का सम्मान करना है.

उन्होंने कृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि छह दिन के बाल कृष्ण ने पूतना का वध कर उसका उद्धार किया. उन्होंने यमलार्जुन मोक्ष, बकासुर वध, अघासुर वध, कालिया दमन, शकटासुर वध, तृणावर्त उद्धार, शंखचूड़ वध, माखन चोरी लीला, गोवर्धन लीला सहित असुरों का विनाश कर पृथ्वी की रक्षा की. उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का अवतार तो आनंद अवतार है. भगवान का नाम उन परमात्मा का वाचक है जो अखिल ब्रम्हांड के नायक, परिचालक, उत्पादक और संहारक हैं. भगवान शब्द में ही समस्त ऐश्वर्य, धर्म, यश, श्री, ज्ञान और वैराग्य का संकेत है.

आज व्यासपीठ का पूजन महिला मंडल की अनिता दीक्षित, पूजा सोलंकी, माया सोनुले, सविता मेंढेकर, शोभा धोपटे, जया वारूलकर, शारदा पवार, सुनीता चैहान, रूक्मिणी राजकुमार, कंचन पवार, सरिता गहेरवार, संध्या आमदरे, जया वाघ, रूपाली नाकाड़े, ज्योति दिल्लीवाल, शालिनी मानापुरे, सविता ठाकुर, कल्याणी बैस, संजीवनी प्राणायाम, मीना बैस, शैला चंदेल, रीना राजुरकर, गायत्री कोहले, सुनीता बैस, अरूणा इटनकर, शेवंता शेंडे ने किया.