Published On : Tue, Mar 3rd, 2020

महापौर ने सभागृह के आदेश का मांगा रिपोर्ट

आयुक्त तुकाराम मूढ़े के ढुलमुल नित पर महापौर ने दिया पुनः आदेश

नागपुर – मनपा की आमसभा में सीएफओ मोना ठाकुर की मनपा में पुनर्नियुक्ति सह आयुक्त तुकाराम मूढ़े द्वारा विभिन्न विकास कार्यों के कार्यादेश होने के बावजूद रोके गए कार्यों को शुरू करने का मामला पक्ष-विपक्ष नगरसेवकों द्वारा उठाया गया। जिस पर महापौर संदीप जोशी ने मोना ठाकुर को वापिस भेजने और कार्यादेश के बावजूद रोके गए विकासकार्यो को शुरू करने का आदेश प्रशासन को दिया था। लेकिन महापौर जोशी के आदेश की अवहेलना किये जाने पर आज पुनः महापौर जोशी ने आयुक्त मूढ़े को उक्त मामलों की ब्यौरा सह रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।

याद रहे कि मोना ठाकुर इसके पूर्व भी मनपा की मुख्य लेखा और वित्त अधिकारी राह चुकी।जिसकी नित से क्षुब्ध मनपा ठेकेदारों ने आंदोलन किया था। इसके बाद ठाकुर मायूस होकर मनपा छोड़ गई थी। मूढ़े ने मनपा में कदम रखते ही रिक्त सीएफओ पद पर अपने प्रभाव से पुनः मोना ठाकुर की नियुक्ति करवाने में सफल हो गए। लेकिन पिछले सभागृह में सत्तापक्ष ने एमएमसी एक्ट की आड़ लेकर मोना ठाकुर को वापिस लौटाने की मांग की तो महापौर संदीप जोशी ने नियमानुसार वापिस भेजने के आदेश आयुक्त/प्रशासन को दिए।

दूसरी ओर सभागृह में पक्ष-विपक्ष के नगरसेवकों ने प्रशासन/आयुक्त पर आरोप लगाया कि उनके आते ही ‘फिक्स प्रायोरिटी’ सह जिन कार्यों के कार्यादेश जारी हो चुके व जिनके टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी लेकिन कार्यादेश नहीं दिए गए,वैसे सभी कार्यों को रोक दिया गया। इस मसले पर सर्वपक्षीय मांग की गई कि ऐसे कार्यों सह ‘फिक्स प्रायोरिटी’ के कार्यों को शुरू करने के आदेश दिए जाए। इस मसले पर आयुक्त मूढ़े ने स्पष्टिकरण दिया कि मनपा की आर्थिक हालात की समीक्षा की जा रही,समीक्षा पूर्ण होने व निधि की उपलब्धता बाद रोके गए कार्यादेश दिए जाएंगे। आयुक्त के जवाब से तिलमिला गए सत्तापक्ष ने कहा कि ऐसा कई दशक से जारी हैं, प्रस्तावित बजट कभी पूर्ण नहीं होता और इस वर्ष का कार्य सह भुगतान अगले आर्थिक वर्ष में ‘ट्रांसफर’ होता रहा। इसका उदाहरण पिछले 12 वर्ष के बजट में देखा जा सकता हैं, जिसकी समीक्षा रिपोर्ट की मांग आयुक्त से की तो आयुक्त हड़बड़ा गए, जैसे – तैसे उन्हें 30 दिन की मोहलत दी गई।

आयुक्त को मोहलत देने के एवज में महापौर जोशी ने अगला निर्देश दिया कि तब तक आयुक्त ‘फिक्स प्रायोरिटी’ सह जिन कार्यों के कार्यादेश जारी हो चुके व जिनके टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी लेकिन कार्यादेश नहीं दिए गए,वैसे सभी कार्यों को शुरू करें। उक्त आदेश महापौर जोशी ने 20 फरवरी को दिया था,लेकिन आजतक मोना ठाकुर भी कार्यरत होने की सूचना मिली और ‘फिक्स प्रायोरिटी’ सह जिन कार्यों के कार्यादेश जारी हो चुके व जिनके टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी लेकिन कार्यादेश नहीं दिए गए,वैसे सभी कार्यों शुरू न किये जाने की शिकायत पर महापौर जोशी ने आयुक्त से उक्त मामलों को लेकर जवाब तलब किया।