Published On : Mon, Jun 29th, 2020

रुक जाना नही तु कही हार के खाकी वर्दी के गायकोंने दि कोरोना वारियर्स को सलामी

नागपुर, : खाकी वर्दी पहने हुए, हर एक पुलिस को घर के बाहर युद्ध जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में, ये खाकी वर्दीधारी योद्धा लोगों की सुरक्षा के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं। कोरोना ने सभी के जीवन को रोक दिया है। लेकिन ऐसे में पुलिसकर्मीयों उन्‍हे ने बिना रुके, बिना थके चलने के लिए सभी को एक संगीत संदेश इस कार्यक्रम के माध्‍यम से दिया।

कोरोना के इस वॉर में नागपुर शहर और महाराष्ट्र पुलिस ने उल्लेखनीय काम किया है। इन पुलिस कर्मीयों में कलाकार छिपे हुये नजर आये हैं। राजेश समर्थ द्वारा संचालित हार्मनी इवेंट्स ने रविवार को एक संगीतमय फेसबुक लाइव इवेंट के लिए ‘सेल्यूट टू कोरोना वारियर्स’ का आयोजन किया, जिसका प्रयोजन इन कलाकारों कि कला को लोगों के सामने लाना और एक सकारात्मक संदेश देना था । महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में डीसीपी (ट्रैफिक) विक्रम साळी भी मौजूद थे । वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक बागुल, मुनाफ शेख, दीपक मोरे, विनोद कांबळे , श्रीकांत साबळे, , दत्ता खंडारे, स्वाति बोरकर और आरती शर्मा ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में, मुनाफ शेख ने जहां डाल डाल पर सोनेकी चिड़िया ये गीत गाकर मातृभूमि को आदरांजली अर्पित की। उसके बाद, अशोक बागुल ने “मेरे देश प्रेमियों” गीत का प्रदर्शन किया और संदेश दिया कि सभी ने भाईचारे से रहना चाहिए। दीपक मोरे ने होठों पे सच्चाई रहती है और फिर स्वाति बोरकर ने देश रंगीला इस गीत का प्रदर्शन किया। श्रीकांत साबले ने ‘रुक जाना नहीं’ गीत का प्रदर्शन किया और संदेश दिया कि स्थिति चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हो, हमें उसके साथ काम करना चाहिए।


संवेदनशील क्षेत्रों में ड्यूटी पर रहते हुए, सैनिक और पुलिस अपने घरपरिवार, बचोंकी की यादे त्‍याग कर अपना कर्तव्य निभाते रहते हैं। अशोक बागुल ने उन लोगों के लिए “संदेसे आते हैं हमे तड़पते हैं” गीत प्रस्तुत किया। फिर अशोक बागुल और स्वाति बोरकर जीत जायेंगे हम, तु अगर संग है यह गीत प्रस्‍तुत किया।

दत्ता खंडारे ने ये वतन अबाद रहे तुम ये गीत प्रस्‍तुत किया । फिर उन्होंने एक सैक्सोफोन पर एक संगीतमय प्रस्तुती दि। आयोजन का मुख्य आकर्षण डीसीपी विक्रम साळी थे। उन्होंने पल पल दिल के पास गाना गाकर सभी का दिल जीत लिया। विक्रम साळी , अशोक बागुल और अन्य गायकों ने “जिंदगी मौत न बन जाये ” गीत का प्रदर्शन किया। श्वेता शेलगांवकर ने इस संगीतमय कार्यक्रम का मधूर संचलन किया । कार्यक्रम की परिकल्पना राजेश समर्थ कि थी ।