Published On : Mon, Jun 29th, 2020

वीडियो : भाजपा की ओर से बिजली बिल को लेकर विरोध प्रदर्शन

राहत नहीं देने पर आंदोलन तीव्र करने की महापौर की चेतावनी

नागपुर– लॉकडाउन के बाद भेजे गए हजारों रुपए के बिल शहर के नागरिकों को परेशान कर रहे है. बेतहाशा बिजली बिल भेजने के कारण भाजपा की ओर से कांग्रेस नगर के एमएसईडीसीएल कार्यालय के बाहर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओ ने राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान महापौर संदीप जोशी ने विरोध जताते हुए कहा की स्लैब बढ़ाने के कारण जिसको 100 रुपए बिजली का बिल आता था, तो उसको अब 600 रुपए, किसी को 6 हजार, तो किसी को 50 हजार रुपए का बिजली बिल एमएसईडीसीएल द्वारा सरकार ने भेजे है.

जोशी ने कहा की एमएसईबी केवल बिजली बिल भेजनेवाली एजेंसी है. लेकिन इसके पीछे महाआघाडी सरकार है. जोशी ने कहा की सरकार का कहना है की हमारा इससे कोई लेना देना नहीं है, इनके ही कार्यकर्ता इनके खिलाफ आंदोलन करते है. अनाप-शनाप बिल आघाडी सरकार की ओर से भेजे जा रहे है.

जोशी ने कहा की ऊर्जामंत्री नागपुर के है, नागपुर की जनता ने जीताया है, 100 यूनिट का बिल कम करने की बात करनेवाले ऊर्जामंत्री अनाप शनाप बिल भेज रहे है. उन्होंने बताया की कल कांग्रेस के कार्यकर्ता नितिन राउत के घर उनसे मिलने पहुंचे थे, सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर के ढाई बजे तक कार्यकर्ता वहां थे, लेकिन राऊत उनसे बात करे बिना ही निकल गए, उन्होंने कहा की जिन कार्यकर्ताओ ने इन्हे जीताया है, उनसे ही वे नहीं मिले.

उन्होंने कहा की इन्हे सत्ता का घमंड आ चूका है. जिसके कारण ही कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस और शिवसेना ऐसा कर रही है. उन्होंने कहा की 3 स्तर पर भाजपा की ओर से प्रदर्शन किया जाएगा. जिसका तीसरा टप्पा आज है. उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर बिजली के बिल कम नहीं किए गए तो इस आंदोलन को तीव्र किया गया जाएगा.

महापौर जोशी ने कहा की अभी कोरोना काल में केवल कार्यकर्ता सड़क पर प्रदर्शन कर रहे है. लेकिन अगर बिजली में राहत नहीं दी गई तो, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और इसके लिए सरकार की पूरी तरह से जिम्मेदार होगी. आम जनता के लिए लड़नेवाला कार्यकर्ता केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पूर्व ऊर्जामंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का कार्यकर्ता है. इसके बाद आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा. इस दौरान पदाधिकारियों की ओर से निवेदन भी दिया गया. इस समय बड़ी तादाद में कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद थे.