Published On : Sat, Dec 16th, 2017

आर्थिक सुधारों के क्षेक्ष में चार्टर्ड एकाउंटेंट की महत्वपूर्ण भूमिकाः नितिन गडकरी


नागपुर: हमारा देश दुनिया की सबसे तेजी से तरक्की करने वाली अर्थ व्यवस्था है। आज हमारे देश में व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में तेजी से तरक्की हो रही है लेकिन तरक्की तब तक अधूरी है जब तक हमारे देश की कृषि क्षेत्र का सबसे अधिक योगदान अर्थव्यवस्था में नहीं हो जाता। इसलिए सरकार ने अगले दो बरसों में देश में करीब एक लाख पच्चासी हजार हैक्टेयर जमीन को सिंचित बनाने का लक्ष्य तय किया है ताकि देश में खेती को सबसे अधिक बढावा मिले और किसानों को उसका पूरा –पूरा लाभ मिल सके। केंद्रीय जहाजरानी, परिवहन एवं जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी आज नागपुर में आयोजित चार्टर्ड एकाउंटेट के राष्ट्रीय सेमिनार में बोल रहे थे।

उन्होने कहा कि देश में आर्थिक विकास तभी संभव है जब कृषि के क्षेत्र में विकास हो सके और जब विकास का पहिया घूमेगा तभी देश के कर दाताओं की संख्या बढेगी। और सरकार का राजस्य बढेगा। जीएसटी लागू होने के बाद से देश में कर दाताओं की संख्या में तेजी से बढोत्तरी हुई है। चार्टर्ड एकाउंटेंट की भूमिका और अधिक बढ गई है साथ ही सरकार ने देश के चार्टर्ड एकाउंटेंट को आह्वान किया है कि देश में जितनी में नम्बर दो की अर्थ व्यवस्था है इसे धीरे –धीरे खत्म करना है और डिजिटल इकानॉमी को लागू करना है।


इसके लिए बहुत जरुरी है कि सरकार और चार्टर्ड एकाउंटेंट के बीच सामंजस रहे ताकि अर्थव्यवस्था के सुधार में उनका पूरा-पूरा लाभ मिल सके । जी. एस. टी. में सुधार के लिए मांगे और जी. एस. टी. काउंसिल की बैठिकों में मिलने वाले सुझावों को सरकार लागू करती जा रही है। देश में करदाताओं की संख्या जितनी अधिक बढेगी । करों में लोगों की उतनी अधिक राहत मिल सकेगी।


केंद्रीय मंत्री गडकरी ने चार्टर्ड एकाउंटेंट से आग्रह किया वे इस सेमिनारों के माध्यम से अधिक से अधिक संख्या में लोगों को शामिल करें और उनसे समय-समय पर मिलने वाले सुझावों के वैचारिक मंथन के बाद एक संमेकित सुझाव सरकार को दे ताकि देश और आर्थिक तेजी से सक्षम हो सके।