Published On : Fri, Sep 20th, 2019

जागरूक पालक समिति द्वारा स्कूल बंद का लिया गया निर्णय असंवैधानिक – आरटीई एक्शन कमेटी

नागपुर: जागरूक पालक समिति द्वारा दिनाक 19 सितम्बर को पत्र के माध्यम से सूचित किया गया कि 23 सितंबर 2019 को स्कूलों को बंद करने का आह्वान किया गया है. इसका आटीई एक्शन कमेटी ने विरोध किया है. कमेटी के चेयरमैन मो.शाहिद शरीफ ने बताया की पत्र में ये कहा गया है कि स्कूलें बंद नहीं की गई तो असामाजिक तत्व कुछ भी कर सकते हैं और ऐसी परिस्थिति में अगर स्कुल के बच्चो को कुछ भी होता है तो इसकीज़िम्मेदारी स्कूलों की रहेगी. शरीफ ने बताया कि नियम अनुसार कोई भी संगठन ऐसा आंदोलन नहीं कर सकता.

जिससे बच्चों की सुरक्षा ख़तरे में आ जाए और ऐसी परिस्थिति में इस संगठन के विरोध में जेजे एक्ट अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए. उन्होंने कहा कि इनके द्वारा की गई माँगे असंवैधानिक है. क्योंकी पिछले महीने कमेटी द्वारा सभी पालकों को पीटीए के 50 रुपये देकर अधिनियम के तहत सदस्यता स्कूल की कमेटी में लेनी थी.

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जिसमें स्कूल की फ़ीस बढ़ाने के पूर्व स्कूल की बैलेंसशीट, नॉन टीचिंग स्टाफ़ और आरटीई में शिक्षा प्राप्त करनेवाले बच्चों के खर्चों की जानकारी के उल्लेख के संदर्भ में कहा गया है. इसी प्रकार , एनसीईआरटी पाठ्यक्रम को जारी करने के लिए भी पालको से मंज़ूरी लेनी थी.

लेकिन पालक स्वयं ही निजी और शासन द्वारा प्रमाणित पाठ्यक्रम को स्वीकार कर रहे हैं पालक पहले स्वयं पीटीए की सदस्यता ले उसकी स्थापना कराएं और उसके निर्णय अनुसार नियम का पालन होगा. लेकिन यहाँ पालक स्कूलों से पीटीए संवैधानिक रूप से स्थापित करने की और इसमें शामिल होने की प्रक्रिया में भाग ही नहीं लेते तो ऐसी स्थिति में शिक्षा का बाज़ारीकरण कैसे रुकेगा. यह सवाल भी उन्होंने इस दौरान उठाया है.

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