Published On : Mon, Nov 25th, 2019

केंद्र को हो रहा 10.08 लाख लाख का रोजाना नुकसान

बुटीबोरी-वर्धा मार्ग का हळद गांव टोल शुरू करने में आड़े आ रहे भाजपा सांसद

नागपुर/वर्धा/दिल्ली: एक ओर मोदी सरकार के नेतृत्व में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय सरकारी राजस्व बचाने के लिए ‘बीओटी’ पर प्रकल्प निर्माण करवा रही तो दूसरी ओर सत्ताधारी पक्ष के सांसद प्रकल्प में बाधक बन सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे.ऐसा ही कुछ बुटीबोरी-वर्धा मार्ग पर हळद गांव टोल प्लाजा शुरू करने में वर्धा के सांसद के हस्तक्षेप से राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण मुख्यालय सकते में आ गया.
याद रहे कि बुटीबोरी-वर्धा मार्ग का सड़क निर्माण राष्ट्रिय महामार्ग प्राधिकरण के नेतृत्व में ‘बीओटी’ के तहत किया गया.लगभग यह मार्ग का निर्माणकार्य पूर्ण हो चूका हैं.

अब इस मार्ग पर टोल प्लाजा शुरू करने के लिए राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण,दिल्ली ने दो दफे निविदा जारी किये।
सूत्र बतलाते हैं कि वर्धा के सांसद रामदास तड़स के हस्तक्षेप पर पहली बार निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कार्यादेश जारी होने के पूर्व रद्द कर दिया गया,जबकि ‘सीओडी’ जारी किया जा चूका हैं ,अर्थात ८०% पूर्ण होने के बाद ही ‘सीओडी’ जारी करने का नियम हैं,इसके बाद ही टोल प्लाजा का टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाती हैं.

NHAI Public Notice English (Haladgaon Toll Plaza)

दूसरी बार पुनः निविदा जारी की गई,इस वक़्त तक ९५% सड़क निर्माण का कामकाज पूर्ण हो चूका हैं.इसके का निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चूका।पहली और दूसरी मर्तबा दोनों बार एक ही समूह को टोल संचलन का ठेका हासिल हुआ लेकिन वर्धा के सांसद तड़स के दबाव में राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण कार्यादेश जारी करने में आनाकानी कर रही हैं.दिल्ली स्थित राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के मुख्यालय में आये दिन सांसद तड़स का हस्तक्षेप से प्राधिकरण को रोजाना 10.08 लाख रूपए का नगदी नुकसान सहन करना पड़ रहा.

दिल्ली स्थित राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के एक दिग्गज अधिकारी के अनुसार सांसद तड़स अपने किसी करीबी को टोल प्लाजा संचलन का ठेका दिलवाना चाह रहे,इसलिए उक्त अड़चन ला रहे,जिससे उन्हें तय शेयर मिल सके.

यह एक सवाल है?
एनएचएआई ऐसे सांसदों के कहने पर यह नुकसान क्यों उठाता है, जिन्हें एनएचएआई जैसी सरकारी संस्था के ऐसे निर्णय लेने में कोई हिचक नहीं है, जिसके कारण एनएचएआई पिछले 15 दिनों से प्रतिदिन लगभग 10,08000 / – प्रतिदिन का राजस्व नुकसान झेल रहा है।
क्या तड़स जैसे सांसदों पर मोदी-शाह का नकेल नहीं
पिछले ५ वर्षों में मोदी कार्यकाल में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उल्लेखनीय काम किए,सड़क निर्माण,गांव-गांव को सड़क से जोड़ने अभियान को शत-प्रतिशत सफलता मिली।केंद्र सरकार का भी करोड़ों में बचत हुआ लेकिन तड़स जैसे सांसद की वजह से मोदी सरकार पर उंगलियां उठनी शुरू हो चुकी हैं.क्या केंद्रीय भाजपाध्यक्ष अमित शाह इस मामले पर गंभीर दखल लेकर टोल प्लाजा को शुरू करवाएंगे,या फिर अपने पक्ष के सांसद के ग़ैरकृत को संरक्षण देने के लिए मसले को सिरे से नज़रअंदाज करेंगे।
– राजीव रंजन कुशवाहा ( rajeev.nagpurtoday@gmail.com )