Published On : Sat, Jan 3rd, 2015

सावनेर : अवैध साहूकारों का मामला उजागर

Advertisement


सेवकराम राउत सहित पांच पर मामला दर्ज

Sahukar-Saoner
सावनेर (नागपुर)।
महाराष्ट्र शासन ने गरीब शोषित, आपदा ग्रस्त किसानो के उत्पादन के लिए करोड़ों रुपयों की घोषणा की है. वहीं साहूकारों के विरोध में कानून बनाये गए है. लेकिन राज्य के सहकार विभाग, पुलिस प्रशासन और राजनितिक प्रतिनिधी जबतक इन पर महेरबान है तब तक कोई भी पीड़ित किसान इन साहूकारों के चंगुल से नहीं छूट सकते.

ऐसा ही एक अवैध साहूकार का मामला सावनेर पो.स्टे अंतर्गत उजागर हुआ है. तालुका के किसान बलवंत अनंतराम कुहिटे ने फसल ना होने, आर्थिक तंगी की वजह से बच्चों की शिक्षा के लिए जून 2013 में कोदेगांव निवासी सेवकराम राउत से 5 लाख का कर्ज लिया. उसने 2 प्रतिशत ब्याज पर अपनी जमीन गिरवी रखी. जिसकी कीमत 20-25 लाख से ज्यादा है. खेत की कीमत देखते हुए साहूकार के मन में लालच निर्माण हुआ और किसान के आर्थिक हालत का फायदा उठाया और कहां कि, ”मेरे पैसे वापस करने तक खसरा क्र.180/2 की बिक्री मेरे नामपर करके दे, पैसे देने के बाद तेरी जमीन तेरे नामपर कर दूंगा ऐसा आश्वासन साहूकार सेवकराम ने दिया. आर्थिक स्थिती और साहूकार के बोलबच्चन में आकर किसान ने जमीन की बिक्री कर दी. इस अवैध साहूकार ने सभी कागजात अपने नाम पर करने के लिए शुरुवात की. धोकेबाजी का पता चलते ही किसान ने साहूकार की जानकारी जुटाई. जिससे पता चला कि झूठ बोलकर इस साहूकार ने कई गरीब किसानों की जमीन हड़प ली है.

Advertisement
Advertisement

इस बात का पता चलने पर बलवंत कुहिटे के पैरों तले जमीन खिसक गयी. साहूकार ने मंडल अधिकारी वडेगांव और गांव के गुंडों सहित खेत पर कब्ज़ा करने की कोशिश शुरू की. पीड़ित किसान बलवंत कुहिटे ने अधिकारी सावनेर को लिखीत आपबीती सुनाई और न्याय मांगा. किसान पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करने गया तो वहां से उसे भगाया गया. 12 मई 2014 को लिखीत शिकायत पोस्ट द्वारा भेजी गयी और शिकायत दर्ज हुयी. साहूकार ने शिकायत वापस लेने के लिए किसान पर दबाव डाला. साहूकार ने दीवाली न्यायालय सावनेर में मानहानी का दावा पेश कर रिकवरी केस दाखिल की. न्याय नहीं मिलता देख पीड़ित किसान बलवंत कुहिटे ने 12 नवंबर 2014 को स्पेशल आय.जी. रविन्द्र कदम से मुलाकात की. प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कदम साहब ने पुलिस अधिक्षक और पुलिस निरक्षक को आदेश दिया. उसके बाद पीड़ित किसान बलवंत की शिकायत के आधार पर सावनेर पुलिस नें साहूकार सेवकराम के खिलाफ 25 नवंबर 2014 को मामला दर्ज किया.

लेकिन शिकायतकर्ता के साथ आपसी सहमती के लिए दबाव डाला गया. और आरोपी साहूकार को फरार घोषित किया. जिसके बाद मामला जिला उपनिबंधक सह. संस्था नागपुर में भेजा गया. जिला उपनिबंधक ने 6 दिसंबर को पत्र लिखकर उक्त शिकायत पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही ? ऐसा प्रश्न पुछा. उन्होंने महाराष्ट्र साहूकारी नियमन (अधिनियम 2014) 16 के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया. फिर भी अवैध साहूकारी करने वाला सेवकराम राउत और उसके सहकारी फरार होने की बात पुलिस थाने में दर्ज है.

सेवकराम और अन्य आरोपी कब होगे गिरफ्तार ?
अवैध साहूकारी मुख्य सुत्रधार सेवकराम राउत सावनेर, सुरेश व्यंकटराव भापकर (प्रताप नगर, नागपुर), आनंदराव तेजराम सोमकुंवर, नीलेश बाबुराव सोमकुंवर, भुजंग तुलसीराम कुमरे टेकाडी निवासी अब तक फरार है. पुलिस की सुस्त जांच से शिकायतकर्ता में डर का वातावरण निर्माण हो रहा है. पुलिस भी आरोपी के साथ मिले है. जिससे वह पीड़ित किसान को परेशान कर रहे है. बार-बार आपसी सहमती के लिए दबाव डाला जा रहा है. ऐसा आरोप बलवंत कुहिटे और चंद्रशेखर अन्ना घावेडे ने किया है. पुलिस सही जांच करेंगी तो अनेक अवैध प्रकरण उजागर होगे ऐसा कहा जा रहा है. नेताओं के छत्र-छाया में पल रहे ऐसे साहूकारों के चंगुल से निकलने के बाद पीड़ितों को न्याय मिल सकता है ऐसा विश्वास शिकायतकर्ता व्यक्त कर रहा है.

पुलिस प्रकरण की जाँच कर रही है – पुलिस निरीक्षक
मुख्य आरोपी साहूकार और अन्य आरोपियों की तलाश शुरू है. और जल्द ही उनको गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ऐसा विश्वास सावनेर पुलिस निरीक्षक और जाँच अधिकारी शैलेश सपकाल ने व्यक्त किया है. हम पीड़ित किसान को योग्य न्याय मिले इसके लिए वरिष्ठों के मार्गदर्शन में जांच कर रहे है. कानून से बड़ा कोई नहीं ऐसा मत सपकाल ने व्यक्त किया.

Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement