Published On : Sat, Jan 3rd, 2015

आर्वी : अभिभावक बच्चों से बातचीत कर दोस्ती का रिश्ता बनाये – निलिमा वगले

Lokayat Arvi
आर्वी (वर्धा)।
सुचना प्रौद्योगिकी के युग में हमे विविध इलेक्ट्रॉनिक साधन प्राप्त हुए है. इससे गलत जानकारी प्राप्त होकर युवां पीढ़ी भटक रही है. जिससें कम उम्र में ही आत्महत्या और कुमारी माता की संख्या बढ़ोत्तरी हुयी है. इस पर अंकुश लगाने के लिए अभिभावकों ने अपने बच्चों से बातचीत करके दोस्ती का रिश्ता बनाये, ऐसा आवाहन अमरावती महानगर पालिका की महिला और बालकल्याण समिती की सभापती तथा यशदा पुणे की प्रशिक्षिका निलिमा काले ने किया.

निलिमा काले यहां के आशीर्वाद मंगल कार्यालय में हालही में संपन्न हुयी स्मृती शेष शालीग्राम कदम, पंजाबराव चौधरी, लक्ष्मणराव उमप, जानरावजी ठाकरे, प्रदीप गावनेर स्मृती में आयोजित ‘लोकायत-स्मृती व्याख्यानमाला’ ‘जिवनाच्या उंबरठ्यावर’ इस विषय पर वे मार्गदर्शन कर रहे थे. समाज में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज, गाडगे महाराज, महात्मा फुले, शाहु महाराज, डॉ.बाबासाहब आंबेडकर जैसे महामानवों के विचार हमेशा जागृत रहे इसलिए ‘लोकायत-स्मृती व्याख्यानमाला’ का आयोजन गत चार सालों से शुरू है. इस कार्यक्रम के अध्यक्ष मराठा सेवा संघ के वर्धा जिलाध्यक्ष प्रा. सुभाष अंधारे थे. अप्पर वर्धा वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष अनिल गोहाड, प्रा. डॉ. विजया मुले, मंगेश कदम, संजय काकड़े, विठ्ठलराव उमप, रविंद्र ठाकरे, दिलीप गावनेर प्रमुख अतिथी थे.

Advertisement
Advertisement

आगे मार्गदर्शन में उन्होंने कहाँ, संयुक्त परिवार खत्म होकर ‘हम दो हमारा एक’ को समाज ने स्वीकार किया है. जिसमे अभिभावकों को समय नही मिलता. जिससे कम उम्र के बच्चों के साथ संबंध स्थापित नहीं होता. जिससे एक दूसरे के साथ बातचीत बंद हो जाती है. बच्चों के कोमल मन में निर्माण होनेवाले प्रश्नों का उत्तर नहीं मिलता. और वे टीव्ही, मोबाइल के संपर्क में आते है. इन माध्यमों से गलत जानकारी मिलनी शुरू होती है. ऐसी परिस्थिती में जेष्ठों ने बच्चों के साथ बातचीत करके उनका ज्ञान बढ़ाना चाहिए. समाज में हो रही युवाओं की आत्महत्या, कुमारी माता आदि घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है. और सामाजिक परिवर्तन निर्माण होगा ऐसा विश्वास व्यक्त किया.

Advertisement

इस संदर्भ में अतिरिक्त मान्यवरों ने भी मार्गदर्शन किया. कार्यक्रम की प्रस्तावना राजकुमार तिरभाने ने की. मान्यवरों का परिचय संतोष डम्भारे और मृणाल चौधरी ने किया. संचालन राजेंद्र मोहोडे ने किया. आभार प्रदर्शन रविंद्र ठाकरे किया. कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रशांत एकापुरे, रवि ठाकरे, प्रशांत नेपटे, संजय देशमुख, एड.सुरेंद्र जाने, प्रफुल मनवर, सागर शिंगाने, बबन तिजारे, प्रमोद नागरे, पंजाबराव गोदाने आदि ने प्रयास किया.

Advertisement
Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement