Published On : Mon, Aug 3rd, 2020

दौरा किसी का भी हो,खुलेआम चोरी थमेगी नहीं

– मामला जिले के रेती घाट से २४ घंटे वैध-अवैध और ओवरलोड दोहन का

नागपुर : सरकारी खनिज संपदा अर्थात रेती घाट का मामला आते ही इनसे जुड़े सफेदपोश,जिला प्रशासन,आरटीओ,यातायात पुलिस का नाम जुबां पर आना लाजमी हैं.इन सब की मिलीभगत से नदी सह पर्यावरण को नुकसान,ओवरलोड परिवहन से आवाजाही करने वाले सह सड़कों का नुकसान हो ही रहा साथ में सरकारी राजस्व को पिछले ४ दशक से खुलेआम चुना लगाया जा रहा.लेकिन किन्हीं के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही,सिर्फ खानापूर्ति का क्रम जारी हैं.

आरटीओ सूत्रों के अनुसार मामला भंडारा रेती घाट से शुरू हुआ.४ सफेदपोश ने रिंग बनाकर सम्बंधित प्रशासन व महकमों को जेब में रख गोंदिया और भंडारा से २४ घंटे ओवरलोड रेती की ढुलाई शुरू की.


गोंदिया-भंडारा के एनसीपी के कर्ताधर्ता को सिरे से नज़रअंदाज किए जाने से उन्होंने अपने राजनैतिक आका को इसकी जानकारी दी.इन्होंने फिर अपने पक्ष के सम्बंधित मंत्री को ‘रिंग’ तोड़ने के लिए आदेश दिए.इसके बाद नागपुर जिले में बड़ी तेजी से स्थानीय पुलिस के बड़े अधिकारी के मार्गदर्शन में छापामार कार्रवाई शुरू हुई.इससे उक्त ‘रिंग’ के सदस्य सकते में आ गए.

इसके बाद अचानक जिले के पालकमंत्री व गृहमंत्री का जिले के कुछ थाना क्षेत्र के रेती घाटों पर दौरा किया।दौरे की हवा तब निकल गई जब कन्हान और खापा क्षेत्र के रेती घाटों में २४ घंटे रेती का अवैध दोहन का नज़ारा सार्वजानिक हुआ.उल्लेखनीय बात यह हैं कि उक्त दोनों क्षेत्र के घाटों सह जिले में अन्य घाटों पर २४ घंटे अवैध रेती का दोहन शुरू हैं,वह भी सम्बंधित जिलाधिकारी कार्यालय अंतर्गत खनन अधिकारी ,तहसीलदार,आरटीओ अधिकारी और यातायात कर्मी के मार्गदर्शन में.रेती चोरी करने वालों को स्थानीय सफेदपोशों का संरक्षण प्राप्त हैं,क्यूंकि वैध-अवैध रेती चोरी करने वाले प्रति ट्रक-टिप्पर-ट्रैक्टर तय हिस्सेदारी दे रहे और सहयोग करने वाले चारों महकमों के संबंधितों को कमीशन देते आ रहे हैं.

उक्त मंत्रियों के दौरे बाद वैध-अवैध २४ घंटे रेती की चोरी थमी नहीं बल्कि बढ़ गई.कन्हान घाट में चोरी कर रहे रेती चोर की मशीन व अन्य वाहन नदी में डूबने की घटना सार्वजनिक होने के बाद भी प्रशासन नहीं जागा।’नागपुर टुडे’ के पहल पर देर रात तहसीलदार स्तर पर कार्रवाई हुई लेकिन सिर्फ मामला दर्ज कर छोड़ दिया गया.

जिले में रेती के लगभग २ दर्जन छोटे बड़े रेती घाट हैं,इनमें से कुछ के टेंडर हुए तो कुछ के नहीं।लेकिन रेती घाट लेने वाले अपने अधीनस्त रेती घाट सह आसपास के बंद रेती घाटों से २४ घंटे रेती का अवैध दोहन कर रहे.

आज कन्हान की रेती २५००० प्रति ट्रक-टिप्पर तो भंडारा के ३५००० प्रति ट्रक-टिप्पर हैं.इन दिनों रात में रेती के ओवरलोड परिवहन शुरू हैं.इस अवैध परिवहन को आरटीओ सह यातायात पुलिस का संरक्षण प्राप्त हैं.घाट वालों का कहना हैं कि जब तक आरटीओ और यातायात पुलिस का साथ हैं तब तक रेती चोरी और ओवरलोड परिवहन नहीं थमने वाली फिर चाहे कोई भी मंत्री दौरा कर लें !