Published On : Thu, Apr 2nd, 2015

अकोला : 3.22 करोड ओलाग्रस्त सहायता निधि गया वापस

 
अकोला। सैकडों किसानों को नहीं हो पाई आर्थिक सहायता वितरित फरवरी-मार्च 2014 में ओलावृष्टि व बेमौसम बारिश से फसलों के हुए नुकसान के बाद शासन ने 57 करोड रूपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई थी,  जिसमें से 52 करोड 7 लाख रूपए निधि किसानों के बैंक खातों में जमा किया गया. जबकि को जो निधि 31 मार्च तक वितरित नहीं हो पाया था वह 3.22 करोड निधि अब शासन जमा हो गया है. इस कारण कई  किसानों को आर्थिक सहायता से वंचित रहना पडेगा. अकोला जिले में 22 फरवरी से 12 मार्च 2014 के दौरान हुई ओलावृष्टि तथा बेमौसम बारिश की वजह से किसानों की गेहूं, प्याज, संतरा, आम आदि फसलों  का भारी नुकसान हो गया थ.

जिले में कुलमिलाकर 47 हजार 192 किसानों की फसलों का नुकसान 50 प्रतिशत से अधिक हुआ था. इस कारण उक्त किसानों की आर्थिक सहायता के लिए शासन ने 57 करोड 5   लाख रूपए का निधि उपलब्ध कराया था. इस निधि का वितरण अप्रैल माह से आरंभ हुआ. पश्चात जिले के 45 हजार के करीब किसानों के बैंक खातों में 52 करोड 7 लाख 25 हजार 907 रूपए निधि जमा किया  गया. वहीं बैंक खाता क्रमांक के अभाव तथा जिला प्रशासन किसानों तक पहुंच पाने में सफल न होने से 3 करोड 22 लाख 82 हजार रूपए, आर्थिक सहायता वितरित नहीं हो पाई. इस कारण बार्शिटाकली तहसील  का 4 लाख 63 हजार 954 रूपए निधि, तेल्हारा तहसील का 2 लाख 48 हजार 600 रूपए, पातूर तहसील का 1 करोड 55 लाख 57 हजार 837 रूपए तथा मूर्तिजापूर तहसील का 1 करोड 60 लाख 11 हजार 621  रूपए निधि शासन को वापस गया है. उक्त प्रक्रिया 31 मार्च की देर शाम पुरी हुई. उल्लेखनीय है कि अकोला, अकोट एवं बालापुर किसानों के लिए प्राप्त आर्थिक सहायता का निधि पूरी तरह वितरित करने में तहसील कार्यालयों को सफलता मिली है.

जिले से 3.13 करोड विधायक निधि समर्पित
अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यो के लिए विधायकों को स्थानिक विकास निधि उपलब्ध होता है, जिसमें से 3 करोड 13 लाख रूपए खर्च न हो पाने से उक्त निधि शासन को जिला नियोजन विभाग की ओर से समर्पित किया गया है. बता दें कि अकोला जिले के विधायकों को विधानसभा चुनाव से पूर्व 2-2 करोड रूपए निधि विकास कामों के लिए उपलब्ध कराया गया था. उसके बाद नवनिर्वाचित विधायकों को 50-50  लाख  रूपये निधी उपलब्ध कराया गया था. इसी प्रकार विधान परिषद के विधायकों को भी 2-2 करोड रूपए निधि उपलब्ध कराया गया था. इस निधि के खर्च के लिए निर्धारित विकास कामों के लिए निधी खर्च को मंजुरी भी मिल चुकी थी. किंतु निधि अदा न किए जाने से जिला नियोजन विभाग से शासन को 3 करोड 13 लाख रूपए निधि समर्पित हुआ है. इसमें मात्र सार्वजनिक निर्माण विभाग से 1.42 करोड रूपए वापस किए गए थे. उक्त निधि वापस मांगा जाएगा, क्योंकि सभी कार्यो के लिए मंजुरी के बाद निधि समर्पित  करना पडा है, ऐसी जानकारी जिला नियोजन विभाग से प्राप्त हुई है.

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अकोला : 3.22 करोड ओलाग्रस्त सहायता निधि गया वापस

अकोला। सैकडों किसानों को नहीं हो पाई आर्थिक सहायता वितरित फरवरी-मार्च 2014 में ओलावृष्टि व बेमौसम बारिश से फसलों के हुए नुकसान के बाद शासन ने 57 करोड रूपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई थी,  जिसमें से 52 करोड 7 लाख रूपए निधि किसानों के बैंक खातों में जमा किया गया. जबकि को जो निधि 31 मार्च तक वितरित नहीं हो पाया था वह 3.22 करोड निधि अब शासन जमा हो गया है. इस कारण कई  किसानों को आर्थिक सहायता से वंचित रहना पडेगा. अकोला जिले में 22 फरवरी से 12 मार्च 2014 के दौरान हुई ओलावृष्टि तथा बेमौसम बारिश की वजह से किसानों की गेहूं, प्याज, संतरा, आम आदि फसलों  का भारी नुकसान हो गया थ. जिले में कुलमिलाकर 47 हजार 192 किसानों की फसलों का नुकसान 50 प्रतिशत से अधिक हुआ था. इस कारण उक्त किसानों की आर्थिक सहायता के लिए शासन ने 57 करोड 5   लाख रूपए का निधि उपलब्ध कराया था. इस निधि का वितरण अप्रैल माह से आरंभ हुआ. पश्चात जिले के 45 हजार के करीब किसानों के बैंक खातों में 52 करोड 7 लाख 25 हजार 907 रूपए निधि जमा किया  गया. वहीं बैंक खाता क्रमांक के अभाव तथा जिला प्रशासन किसानों तक पहुंच पाने में सफल न होने से 3 करोड 22 लाख 82 हजार रूपए, आर्थिक सहायता वितरित नहीं हो पाई. इस कारण बार्शिटाकली तहसील  का 4 लाख 63 हजार 954 रूपए निधि, तेल्हारा तहसील का 2 लाख 48 हजार 600 रूपए, पातूर तहसील का 1 करोड 55 लाख 57 हजार 837 रूपए तथा मूर्तिजापूर तहसील का 1 करोड 60 लाख 11 हजार 621  रूपए निधि शासन को वापस गया है. उक्त प्रक्रिया 31 मार्च की देर शाम पुरी हुई. उल्लेखनीय है कि अकोला, अकोट एवं बालापुर किसानों के लिए प्राप्त आर्थिक सहायता का निधि पूरी तरह वितरित करने में तहसील कार्यालयों को सफलता मिली है.

जिले से 3.13 करोड विधायक निधि समर्पित
अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यो के लिए विधायकों को स्थानिक विकास निधि उपलब्ध होता है, जिसमें से 3 करोड 13 लाख रूपए खर्च न हो पाने से उक्त निधि शासन को जिला नियोजन विभाग की ओर से समर्पित किया गया है. बता दें कि अकोला जिले के विधायकों को विधानसभा चुनाव से पूर्व 2-2 करोड रूपए निधि विकास कामों के लिए उपलब्ध कराया गया था. उसके बाद नवनिर्वाचित विधायकों को 50-50  लाख  रूपये निधी उपलब्ध कराया गया था. इसी प्रकार विधान परिषद के विधायकों को भी 2-2 करोड रूपए निधि उपलब्ध कराया गया था. इस निधि के खर्च के लिए निर्धारित विकास कामों के लिए निधी खर्च को मंजुरी भी मिल चुकी थी. किंतु निधि अदा न किए जाने से जिला नियोजन विभाग से शासन को 3 करोड 13 लाख रूपए निधि समर्पित हुआ है. इसमें मात्र सार्वजनिक निर्माण विभाग से 1.42 करोड रूपए वापस किए गए थे. उक्त निधि वापस मांगा जाएगा, क्योंकि सभी कार्यो के लिए मंजुरी के बाद निधि समर्पित  करना पडा है, ऐसी जानकारी जिला नियोजन विभाग से प्राप्त हुई है.