Published On : Wed, Aug 11th, 2021

कंप्यूटर ऑपरेटरों का टेंडर का प्रस्ताव आयुक्तालय में अटका

– स्थापित ठेकेदार के पक्ष में मंत्री,संत्री सभी सक्रीय

नागपुर : मनपा में लगभग ढाई दशक से सीधी भर्ती बंद है,ऐसे में कनिष्ठ कामगारों से होने वाले कामों के लिए लगभग 2 दशक पहले कंप्यूटर ऑपरेटर आपूर्ति का ठेका निकाला गया था.जिसकी सम्पूर्ण एक्सटेंशन अवधि समाप्ति बाद नए सिरे से टेंडर निकालने का निर्णय हुआ,जिसे अंतिम मंजूरी आजतक आयुक्त ने नहीं दी,बताया जा रहा कि इस टेंडर को रुकवाने के लिए पुराने स्थापित ठेकेदार के पक्ष में मंत्री,संत्री सभी सक्रिय है,अब देखना यह है कि आयुक्त की क्या भूमिका रहती है ?

जब पहली दफा कंप्यूटर ऑपरेटर का टेंडर निकला था तब ठेकेदार ऑपरेटरों का आधा मासिक वेतन हजम कर लेता था,इनका न PF और न ही ESIC का शेयर भरता था,जबकि प्रत्येक माह कटौती कर ली जाती थी.कर्मियों द्वारा आवाज उठाने पर नौकरी से निकाल दिया जाता था.

धीरे-धीरे सत्तापक्ष और विपक्ष के मजबूत नगरसेवकों के सिफारिशों पर मनपा प्रशासन ऑपरेटरों की संख्या अबतक बढाती रही,इस दौरान पिछले आयुक्त ने भी अपने अधिकार क्षेत्र का उपयोग करते हुए अपने सहयोगी सुरक्षा रक्षक और वाहन चालक के रिश्तेदारों को आर्थिक सहयोग करने के उद्देश्य से कंप्यूटर ऑपरेटर बना दिया था.

इस चक्कर में वर्त्तमान ठेकेदार को लगभग प्रति ऑपरेटर 2700 रूपए मासिक मुनाफा हो रही है.

पिछले कुछ माह से उक्त टेंडर को रद्द कर नए सिरे से टेंडर निकालने पर कार्यालयीन कार्यवाही शुरू है.इसे रुकवाने के लिए पिछले 6 माह से वर्त्तमान स्थापित ठेकेदार पूर्ण ताकत झोंक चूका है.इस क्रम में वह आगे बढ़ राज्य के किसी अदना सा मंत्री,संत्री को फ़िलहाल आगे कर आयुक्त राधाकृष्णन बी पर दबाव बना रहा है.

उल्लेखनीय यह है कि नए टेंडर नियम के अनुसार नए ऑपरेटरों के मासिक वेतन में भारी कटौती की गई है,इस दफे प्रत्येक ऑपरेटरों को 15500 रूपए मासिक मिलेगा।यह टेंडर फ़िलहाल 192 ऑपरेटरों की जरुरत के अनुसार निकाली जानी है.

आयुक्त की मंजूरी बाद टेंडर जारी किया जायेगा।अपना मुनाफा जोड़कर जो कम से कम बोली बोलेगा,उसे ही अगला टेंडर नसीब होगा। टेंडर में यह भी शर्त रखी जाएगी कि टेंडर लेने वाले को कंप्यूटर ऑपरेटरों के वेतन के लिए कम से कम 3 माह का BACK-UP दर्शाना होगा।

उक्त टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद स्थापित पुराने ठेकेदार को दोबारा मौका मिला तो वर्त्तमान ऑपरेटरों में से अधिकांश यथावत रहेंगे और नया ठेकेदार आया तो आधे से अधिक नए ऑपरेटरों की भर्ती होगी ?