Published On : Mon, Mar 1st, 2021

MIX COAL का TENDER,दिया जा रहा छांट-छांट कर

– COAL STOCK NODEL OFFICER ने रोका तो मिली मारने की धमकी,सुरक्षा रक्षक-अधिकारी वणी थाने शिकायत दर्ज करवाने गए तो ISHWARDAS ZANKYANI ने वापिस बुला लिया वणी नार्थ –

WCL की WANI NORTH क्षेत्र अंतर्गत KOLAR PIMPRI OPENCAST MINES के COAL STOCK CLEARANCE को ध्यान में रखते हुए MIX COAL की निलामी की गई.व्यापारियों को STOCK से उनके ट्रकों में कोयला LOAD करने का ठेका विवादास्पद मेसर्स गंगा ट्रांसपोर्ट को दिया गया.यह स्थानीय अधिकारियों से मिलीभगत कर चिन्हित व्यापारियों को छांट-छांट के कोयला भर के दे रहा.इससे रोजाना लोडिंग का टार्गेट तो प्रभावित हो रहा,तय समय में कोयला लोडिंग कर नहीं दी गई तो सम्बंधित व्यापारियों को REFUND करना पड़ सकता हैं,उक्त कृत पर NODEL OFFICER ने आक्षेप लिया तो उन्हें मारने की धमकी दी,इसकी शिकायत करने सुरक्षा रक्षक-अधिकारी वणी थाना गए तो AREA GENERAL MANAGER ISHWARDAS ZANKYANI ने फटकार लगते हुए उन्हें बिना मामला दर्ज करवाए बुला लिया,अर्थात ‘सम्पूर्ण दाल ही काली हैं’.ऐसे मामलों पर भी नए CMD MANOJ KUMAR GUPTA गौर करें,अन्यथा कार्यकाल में दाग लगते देर नहीं लगेगी।

मालूम हो कि WCL की कोलार पिम्परी OPENCAST खदान के कोल स्टॉक से रोडसेल के तहत MIX COAL की निलामी हुई। स्टॉक में ढाई लाख टन कोयला था। जिसमें से 45 दिनों में 48000 टन मिक्स कोयला उठाने हेतु निलामी की गई,कुछ व्यापारियों ने 2000 तो कुछ ने 5000 टन से अधिक मिक्स कोयला का परमिट लिया। इन व्यापारियों को उनके ट्रैकों में कोयला भर कर देने का ठेका विवादित गंगा ट्रांसपोर्टर को दिया गया।इसके लिए स्थानीय WCL प्रबंधन ने साप्ताहिक कार्यक्रम बनाया,जिसके तहत रोजाना ३८ से 40 ट्रकों में लोडिंग का ठेका लेने वाली गंगा ट्रांसपोर्ट को कोयला लोडिंग करना अनिवार्य किया गया.टेंडर में यह भी नियम था कि जिन व्यापारियों को 5000 टन या उससे अधिक का परमिट दिया गया था,वे अपनी मशीन भी लगाकर कोयला उठा सकते हैं.5000 टन से नीचे के परमिट धारकों को गंगा ट्रांसपोर्ट द्वारा कोयला भर कर देना था.

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छांट-छांट कर भरा जा रहा
गंगा ट्रांसपोर्टर पर स्थानीय वेकोलि प्रबंधन शुरू से ही मेहरबान रही हैं.इसलिए गंगा ट्रांसपोर्टर खुलेआम ग़ैरकृतों को बखूबी अंजाम दे रहा.इस बार गंगा ट्रांसपोर्टर कोल स्टॉक से कोयला छांट-छांट कर चिन्हित परमिट धारक व्यापारियों के ट्रांसपोर्ट में भर रहा,इसके लिए वह 150 रूपए प्रति टन व्यापारियों से अतिरिक्त वसूल रहा.इस कारण रोजाना लोडिंग का टार्गेट बुरी तरह प्रभावित हो रहा,ऐसा आरोप इंटक फेडरेशन के संगठन सचिव आबिद हुसेन ने लगाया।

हुसेन का आरोप हैं कि कोयला छांट-छांट के भरने से रोजाना 12 से 15 ट्रक कोयला ही लोडिंग हो रहा ,जबकि WCL स्थानीय प्रबंधन ने रोजाना 38 से 40 ट्रक कोयला भरने का ठेका गंगा ट्रांसपोर्ट को दिया था.इस गोरखधंधे में उपक्षेत्रीय प्रबंधक,क्षेत्रीय महाप्रबंधक,विक्रय अधिकारी की मिलीभगत से WCL को आर्थिक नुकसान होने की संभावना से नाकारा नहीं जा सकता।निलामी के लिए तय नियम के अनुसार गर 45 दिन में 48000 टन कोयला सम्बंधित व्यापारियों को उनके परमिट के हिसाब से नहीं दिया गया तो उन्हें नुकसान भरपाई के रूप में REFUND करना पड़ेगा,इससे चिन्हित व्यापारियों को दोहरा फायदा होगा।

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आक्षेप लेने वालों को धमकाया,धमकाने वाले को ZANKYANI ने बचाया
हुसेन के अनुसार COAL STOCK पर NODEL OFFICER की ड्यूटी रहती हैं.NODEL OFFICER RAHUL BANSOD ने GANGA TRANSPORTER को कोयला छांटने के लिए 25 फरवरी 2021 को रोका तो GANGA TRANSPORTER के कर्मियों ने NODEL OFFICER को धमकाया।इस घटना की शिकायत स्थानीय सुरक्षा रक्षक-अधिकारियों ने वणी थाने में दर्ज करवाने के लिए पहुँचे तो ZANKYANI ने उन्हें फटकार लगाते हुए उन्हें उलटे पांव बुला लिया।

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इससे साफ़ जाहिर हो गया कि GANGA TRANSPORTER पर स्थानीय वेकोलि प्रबंधन मेहरबान हैं इसलिए उन्हें संरक्षण दी जा रही.ऐसा ही चलता रहा तो नए CMD MANOJ KUMAR GUPTA को मिला TARGET पूर्ण होने में बाधा आएगी और इस कार्यकाल में वेकोलि को आर्थिक नुकसान हुआ तो प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष आरोप CMD पर मढ़ा जाएगा।

इसी ZANKYANI ने विवादस्पद अधिकारी बेदरकर को CMD के फटकार बाद भी आजतक हटाया नहीं,क्या नीचे के अधिकारियों पर वेकोलि मुख्यालय अधिकारियों का वर्चस्व नहीं ?