Published On : Wed, Nov 1st, 2017

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने केंद्र से पूछा- क्या आप जजों की सैलरी बढ़ाना भूल गए?

सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने मंगलवार को केंद्र से पूछा कि क्या वह सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत जजों की सैलरी बढ़ाना भूल गए हैं? साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि उनको मिलने वाला मौजूदा मेहनताना नौकरशाहों से भी कम है।

सुप्रीम कोर्ट के जज जे चमलेश्वर और एस अब्दुल नाजिर की बेंच ने यह बात एक दूसरे मामले की सुनवाई के वक्त अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) पी एस नरसिम्हा से कही। बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों कि सैलरी का क्या होगा जिसे बाकी केंद्र कर्मचारियों के साथ सातवें वेतन आयोग की सिफारिश में शामिल किया गया था।

बता दें कि जजों की सैलरी बढ़ाने की बात को केंद्र ने मार्च में मंजूरी दी थी लेकिन फिलहाल आगे की कार्यवाही नहीं हो पाई है। इसको लागू करने के लिए संसद द्वारा संशोधन होना है जो अबतक नहीं हुआ है।

सातवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू होने के बाद फिलहाल सबसे ज्यादा सैलरी कैबिनेट सेक्रेटरी की है, उनको 2.5 लाख रुपए मिलते हैं, वहीं चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जिनका पद उनसे ऊपर होता है उनको एक लाख रुपए ही मिलते हैं। बेंच ने इसे पैसों की नहीं बल्कि आत्मसम्मान की बात बताया है। जजों की बात सुन ASG ने कहा कि वह सरकार से इस बारे में बात करके 14 नवंबर को कोर्ट को बताएंगे।