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Published On : Fri, Mar 15th, 2019

पुलिस अधीक्षक की गाड़ी काे लगा स्क्रैच, मिली सजा

कर्तव्य में काेताहीः 6 पुलिसकर्मी निलंबित

गाेंदिया। पुलिस विभाग अपने कर्तव्य और अनुशासन के लिए जाना जाता है, कर्तव्य में काेताही या लापरवाही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियाें काे नागवार गुजरती है।

वाक्या कुछ यूं है कि, गाेंदिया जिला पुलिस अधीक्षक श्रीमती विनीता साहू यह अपने शासकीय वाहन से रेस्ट हाऊस पहुंची थी तथा रेस्ट हाऊस के सामने सुरक्षा के दृष्टि से गार्ड के संरक्षण में गाड़ी पार्क की गई थी। क्याेंकि गाेंदिया जिला नक्सल प्रभावित जिले की श्रेणी में आता है तथा इसके कुछ हिस्से चुनाव के दाैरान अतिसंवेदनशील श्रेणी में भी रखे जाते है। तद्हेतु वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के सरकारी वाहन की सुरक्षा का जिम्मा ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्डाे के कंधाे पर हाेता है।
गाेंदिया पुलिस मुख्यालय में से चुने गए पाे.हवा. पंकज पांडे (ब.नं. 995), पाे.हवा. चमनलाल नेताम (बं.नं.390), पुलिस सिपाही राेहित चव्हाण (बं.न.189), पुलिस सिपाही सुरेश चव्हाण (बं.न.1584), पुलिस सिपाही कैलाश कलापार (बं.नं.2217) तथा रामनगर थाने में तैनात पुलिस सिपाही छाेटेलाल बिसेन (बं.न.1181) उस वक्त ड्यूटी पर तैनात थे तभी किसी अज्ञात ने पुलिस अधीक्षक के वाहन पर स्क्रैच (घसाटा) मार दिया। गाड़ी में बैठने से पहले पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में यह बात आयी जिसे उन्हाेंने कर्तव्य में काेताही माना और प्राथमिक चाैकसी तथा विभागीय जांच पश्चात ड्यूटी पर तैनात उक्त 6 पुलिस कर्मचारियाें काे मुंबई पुलिस (शिक्षा व अपील) नियम 1956 के कलम 3 सहकलम (अ-2) (1-अ) (एक) (ब) के तहत कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा में काेताही बरतने का दाेषी मानते हुए उक्त 6 पुलिस कर्मचारियाें काे निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए।
लाईन हाजिर किए गए उक्त 6 पुलिस कर्मचारियाें काे अर्जुनी माेरगांव थाने से अटैच किया गया है तथा प्रतिदिन सुबह और शाम पुलिस काेतवाली के रजिस्टर में हाजरी लगाने के निर्देश भी दिए गए है। दस्तखत करना अनिवार्य है अन्यथा दस्तखत न पाए जाने पर वेतन और निर्वाह भत्ता नहीं दिया जायेगा, इस बात के आदेश भी दिए गए है। साथ ही निलंबन कालावधी के दाैरान अगर काेई निलंबित कर्मचारी किसी भी प्रकार की निजी नाैकरी अथवा व्यवसाय करते पाया गया ताे महाराष्ट्र नागरी सेवा (बर्ताव) नियम 1979 के कलम 16 अन्वये इसे गैरबर्ताव समझा जायेगा, लिहाजा उसे शिस्तभंग की कार्रवाई का पात्र समझा जायेगा। निलंबित 6 पुलिस कर्मचारियाें काे अपने शस्त्र, परिचय पत्र आदि साहित्य पुलिस मुख्यालय गाेंदिया में तत्काल जमा करने के आदेश भी दिए गए है। पुलिस अधीक्षक की इस कारवाई के बाद समूचे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।


रवि आर्य

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