Published On : Sun, Sep 8th, 2019

सुपर स्पेशालिटी हास्पिटल में 7 डायलिसिस मशीनें बंद

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नागपुर: सुपर स्पेशालिटी हास्पिटल में किडनी विकारग्रस्तों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है. ओपीडी में आने वाले कुल मरीजों में से करीब 25 से 30 मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें डायलिसीस की आवश्यकता होती है, लेकिन किडनी विभाग में मरीजों को सुविधा ही नहीं मिल रही है. विभाग में मौजूद 9 में से 7 डायलिसिस मशीन बंद होने की जानकारी मिली है. यही वजह है कि किडनीग्रस्तों की डायलिसिस के लिए वेटिंग बढ़ती जा रही है.

जिन मरीजों की दोनों किडनी खराब हो जाती हैं, उन्हें डायलिसिस की जरूरत पड़ती है. इन मरीजों को निश्चित समय पर डायलिसिस आवश्यक होता है. निजी अस्पतालों में दिया जाने वाला हिमोडायलिसीस बेहद मंहगा होने की वजह से ही सुपर में अधिकाधिक मरीज आते हैं. सुपर में हर दिन कम से कम 25 मरीज डायलिसिस के लिए आते हैं, लेकिन वर्तमान में 9 में से 7 मशीन बंद होने से केवल 2 शिफ्ट में 5-6 मरीजों का ही डायलिसिस किया जा रहा है.

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– डीन को नहीं दी जानकारी
बताया जाता है कि सुपर में कम खर्च में उपचार होने से जनप्रतिनिधियों की सिफारिश लेकर आने वालों की संख्या बढ़ी है. इस हालत में जरूरतमंदों को वेटिंग पर रख दिया जाता है. हर दिन कम के कम एक मरीज किसी नेता की सिफारिश लेकर आता है. जनप्रतिनिधियों की सिफारिश होने के कारण प्रशासन भी उन्हें नहीं लौटाता.

मशीनें बंद होने और मरीजों की लंबी वेटिंग होने के बाद भी मेडिकल के डीन डा. सजल मित्रा को इस संबंध में जानकारी नहीं दी गई, जबकि मेडिकल-सुपर में मशीनों की दुरुस्ती के लिए स्वतंत्र निधि भी है, लेकिन सुपर प्रशासन द्वारा संबंधित विभाग को जानकारी नहीं दिये जाने के कारण ही बंद मशीनों को दुरुस्त नहीं किया जा सका है.

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