Published On : Tue, Feb 18th, 2020

रंगारी हत्याकांड : राज्य को बेस्ट डिटेक्शन

नागपुर. शुक्रवारी तालाब में 7 टुकड़ों मिली युवक की लाश और कोई सुराग नहीं मिला. बावजूद इसके नागपुर शहर पुलिस क्राइम ब्रांच के पीआई नरेन्द्र हिवरे और उनकी टीम ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाकर हत्यारों को धरदबोचा. अंधे कत्ल के इस मामले को नागपुर पुलिस के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा था. इस सफलता पर शहर पुलिस आयुक्त डा. भूषण कुमार उपाध्याय ने इस केस को राज्य को बेस्ट डिटेक्शन करार देते हुए पीआई हिवरे और उनकी टीम को पुरस्कृत किया. इस दौरान सहपुलिस आयुक्त रविन्द्र कदम, अपर पुलिस आयुक्त नीलेश भरणे, डीसीपी गजानन राजमाने तथा एसीपी सुधीर नंदनवार की उपस्थिति रही.

ई-रिक्शा से कातिल तक
सितंबर 2019 में पुलिस को शुक्रवारी तालाब में बोरे में अज्ञात युवक की लाश मिली. सिर धड़ से अलग था और शरीर के 7 टुकड़े किये गये थे. मृतक की पहचान तक करना संभव नहीं था. क्राइम ब्रांच के पीआई हिवरे को जांच सौंपी गई. मृतक की पहचान के बिना कातिल को ढूंढना अंधेरे में राई ढूंढना जैसा था. हर पहलू से जांच के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल रहा था. इसी दौरान हिवरे को सीसीटीवी रिकार्डिंग में तालाब के पास एक ई-रिक्शा दिखाई दिया और उन्होंने इसे मामले की तह तक जाने का रास्ता बना लिया.

मृतक की पहचान सुधाकर रंगारी के तौर पर हुई. जांच में राहुल भोतमांगे से विवाद का पता चला. इसके बाद तत्कालीन डीसीपी नीलेश भरणे के मार्गदर्शन में पीआई हिवरे और उनकी टीम ने राहुल को धरदबोचा. पूछताछ में सामने आया कि विवाद होने पर गुस्साए राहुल ने सुधाकर की निर्मम हत्या की. उसकी लाश का सिर, हाथ और पैर काटकर बोरे में भरे. फिर ई-रिक्शे में बोरा रखकर शुक्रवारी तालाब पहुंचा और लाश पानी में फेंक दी. मामले में पुलिस ने राहुल समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया था.

पुरस्कृत टीम : पीआई नरेन्द्र हिवरे, एपीआई पंकज धाड़गे, योगेश चौधरी, पीएसआई नीलेश डोर्लीकर, एएसआई राजेन्द्र बघेल, रफीक खान, कांस्टेबल श्याम कडू, अनिल दुबे, शैलेश पाटिल, अरुण धर्मे, रामचंद्र कारेमोरे, अतुल दवंडे, प्रवीण गोरटे, दयाशंकर बिसांद्रे, राकेश यादव, टप्पूलाल चुटे, संदीप मावलकर, परवेज खान, राजू पोतदार, शेख फिरोज, शेख रफीक, सत्येंद्र यादव.