Published On : Mon, Jul 30th, 2018

आत्मीय सत्संग मंडल नागपूर कि ओरसे गुरुपोर्णिमा उत्सव का सफल आयोजन

नागपूर : रोजाना कुछ पल, मन और बुद्धी भगवान को समर्पित कर लें तो जीवन में तरक्की होगी, गुरु का आशिष बना रहेगा और अक्षरधाम यात्रा सफल होगी यह मौलिक विचार योगी डिव्हाइन सोसायटी स्वामिनारायण सोखडा(वडोदरा) के प्रादेशिक संत सेवक स्वामीजी ने रखे. आत्मीय सत्संग मंडल नागपूर कि ओरसे गुरुपोर्णिमा उत्सव बचत भवन सीताबर्डी नागपूर में अति उत्साह, श्रद्धा और भक्तीभावसे मनाया गया.

इस पावन बेला पर स्वामिनारायण सोखडा(वडोदरा) के प्रादेशिक संत सेवक स्वामीजी तथा आदर्श स्वामीजी विशेष रूप से उपस्थित थे. नगरसेवक संजय बंगाले, अरविंद पटेल, संजय श्रीवास्तव प्रमुखता से मंच पर विराजमान थे.

प्रारंभ में, आत्मीय सत्संग मंडलद्वारा सुमधुर भजनसंध्या का प्रस्तुतीकरण किया गया. जिसमें विनय शुक्ल, किशोर भट, पवन मेश्राम, आशुतोष पराते, राजू वड्यालकर एवं श्यामल मेश्राम ने भजन प्रस्तुती की. तबलेपर राजेश ठाकरे तथा की बोर्ड पर मोहनभाई ने संगत दी.

प्रस्तावना में अरविंद पटेल ने कहा कि, नागपूर आत्मीय सत्संग मंडल एवम हरिभगतों की स्वामिनारायण भगवान, परम पूज्य हरिप्रसाद स्वामीजी महाराज के प्रती निरंतर बढती आत्मीयता निश्चित रुपसे सराहनीय है | इस के पश्चात, जयवंत मोहिते ने भक्ती सामर्थ्य कि महिमा तथा स्वयं के अनुभव रखे.

कॉर्पोरेट ट्रेनर अमोल मोर्या ने युवक-युवतीओं को सफल जीवन कि परिभाषा, लगन, मेहनत और लक्ष्य को हासिल करने के नुक्से बताये. संजय श्रीवास्तव ने भगतों का भगत, विनम्रता और शालीनता के आचरण से दास ना दास बनने का आवाहन किया.

इस अवसर पर, ७ वीं से ९ वीं कक्षा के ३० विद्यार्थीयों को जिनके पास पढाई के पर्याप्त साधन नहीं है उन्हें नागपूर आत्मीय सत्संग मंडलद्वारा शिक्षा सामग्री प्रदान की गयी तथा दसवीं कक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करनेवाले विद्यार्थीयोंका सेवक स्वामी के करकमलोंद्वारा सत्कार कीया गया.

साथ हि सामाजिक दायित्व कि भावना के रूप में एवं यशवंत नागुलवार के सहयोग से बेसा परिसर मे ८५ पौधे लगाये गये. कार्यक्रम का सुचारू रूप से मंच संचलन चेतन भट ने किया.भगवान स्वामीनारायण कि आरती ओर महाप्रसादसे कार्यक्रम का समापन हुआ.कार्यक्रम की सफलता हेतू, नागपूर आत्मीय सत्संग मंडल के सभी सदस्य, महिलावर्ग का भरपूर सहयोग रहा.आत्मीय युवक, युवतीयाँ, हरिभगत एवं मान्यवर निमंत्रितगण बडी संख्या मे उपस्थित थे.