Published On : Fri, Sep 8th, 2017

लाइब्रेरी में विद्यार्थियों के ही प्रवेश पर पाबंदी !


नागपुर
: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के अमरावती रोड स्थित कैंपस में पी.वी.नरसिम्हाराव ग्रंथालय के सामने शुक्रवार को विद्यार्थियों ने नागपुर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया. विद्यार्थियों का कहना है कि इस लाइब्रेरी में किताबें अपनी इच्छा से लेने का अधिकार नहीं है. यहां से किताब लेनेवाले विद्यार्थियों को सबसे पहले काउंटर में बैठे कर्मियों से पहले अपेक्षित किताब चाहिए उसकी चिट्टी लेनी होती है. उसके बाद कंप्यूटर रूम से कंप्यूटर में किताब का नाम, उसके लेखक का नाम और उस किताब का नंबर दी हुई उस चिट्टी में लिखना होता है. जिसके बाद विद्यार्थियों को उस चिट्टी को काउंटर पर बैठनेवाले कर्मी को देना होता. उसके बाद वह कर्मी लाइब्रेरी में जाकर किताब लेकर आता है और तब विद्यार्थी को वह किताब मिलती है. जिसके कारण यह पूरी प्रक्रिया ही विद्यार्थियों के लिए सिरदर्द साबित हो रही है.

विद्यार्थियों ने बताया कि किसी भी लाइब्रेरी में जाने पर आपको सीधे अपने हाथों से किताबें देखने की और किताबें चुनने की आजादी होती है. लेकिन शहर में यही एकमात्र ऐसी लाइब्रेरी है जहा पर कई तरह की पाबंदिया लगायी गई है. कई वर्षों से इस लाइब्रेरी में इस तरह से विद्यार्थियों को नहीं जाने दिया जाता है. जिसके कारण विद्यार्थी लाइब्रेरी में जाकर भी किताबें नहीं ले पाते हैं.


इस बारे में विद्यार्थियों का कहना है कि नागपुर विश्वविद्यालय के कुलगुरु विद्यार्थियों को चोर समझते हैं और लाइब्रेरी के अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि विद्यार्थियों को अपने हाथ से किताब लेने पर विद्यार्थी किताबें फाड़ देंगे. विद्यार्थियों ने लाइब्रेरी के अंदर जाकर सीधे तौर पर किताबें लेने का अधिकार देने की मांग कुलगुरु से की है. इस दौरान विद्यार्थियों ने लाइब्रेरी के सामने स्वाक्षरी अभियान चलाकर भी अपना विरोध दर्शाया साथ ही इसके हाथों में बैनर लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की है. इस दौरान डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर विद्यार्थी संगठन के अध्यक्ष समीर महाजन ने बताया कि अगर विद्यार्थियों को सीधे लाइब्रेरी में जाकर किताबें अपने हाथों से चुनने नहीं दिया गया तो आनेवाले दिनों में विद्यार्थियों की ओर से तीव्र आंदोलन किया जाएगा.