Published On : Thu, Jul 27th, 2017

विद्यार्थियों के लिए मुसीबत बने विश्वविद्यालय में तैनात राज्य सुरक्षा बल के कर्मी

Nagpur University
नागपुर:
 शहर के सभी बड़े विभागों में महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं. मेडीकल अस्पताल के बाद राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में भी इन सुरक्षा रक्षकों को तैनात किया गया है. सुरक्षा रक्षकों को तैनात तो विश्वविद्यालय ने सुरक्षा कारणों से किया था. लेकिन अब इन सुरक्षा रक्षकों के कारण ही विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

नागपुर विश्वविद्यालय जिले के सैकड़ों कॉलेजों के साथ जुड़ा हुआ है. जिसके कारण रोजाना विद्यार्थी यहां पर जानकारी हासिल करने या फिर अधिकारियों से अपने शिक्षा से सम्बंधित काम को लेकर मिलने आते हैं. लेकिन इन्हें सुरक्षा रक्षकों के विभिन्न सवालों का जवाब देना पड़ता है. कहा जाता है, किससे मिलना है, क्यों मिलना है और कौन से काम से मिलना है. यह सभी जानकारी विद्यार्थियों को सभी के सामने देनी होती है.

उसके बाद सुरक्षा का दूसरा पड़ाव शुरू होता है. जिसमें विद्यार्थियों को रजिस्टर में नाम से लेकर काम और किस अधिकारी से मिलना है इसका विवरण देना होता है. उसके बाद सुरक्षा रक्षकों की ओर से विद्यार्थियों को एक स्लिप दी जाती है. उस स्लिप पर विद्यार्थियों जिससे मिलकर आए हैं उनके हस्ताक्षर लेकर आना होता है.

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नागपुर विश्वविद्यालय ने सुरक्षा की दृष्टि से इसे किसी किले की तरह गढ़ में तब्दील कर दिया है. सुरक्षा रक्षकों के साथ ही कुलगुरु के कार्यालय के बाहर बाउंसर भी सुरक्षा में तैनात रहते हैं. विद्यार्थियों का कहना है कि कई बार सुरक्षा रक्षक उनसे इस तरह से व्यवहार करते हैं मानों वो कोई अपराधी हों.

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कई संगठनों ने भी इन सुरक्षा रक्षकों को हटाने की मांग की थी. नागपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय को पढ़ाई का केंद्र न समझकर इसे रक्षा मंत्रालय बना दिया गया है. जो विद्यार्थियों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है.

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