Published On : Sat, Nov 3rd, 2018

काटोल तहसील में कपास खरीदी बिक्री सुरूवात

काटाेल: काटोल तहसील के कृषि उपज मंडी अंतर्गत 6 निजी क्षेत्र की जिनिंग प्रेसीग खरेदी सेन्टर हैं जिसमें सावरगाव, येनवा, सावनेर मार्ग लगत तीन निजी जिनिंग प्रेसीग जिन है 2 काटाेल नागपूर मार्ग पर तो एक काटोल कोळाली मार्ग पर इन सभी 6 जिनिंग प्रेसीग जिनो रोजाना भाव उतार चडाव रहता और स्पर्धाओं दोर बना रहता है.

जिससे किसानों के समक्ष पर्याय बन रहता कि वह अपने खेत खलिहानों में उपज किया हुआ कपास बिक्री के लिए का लेकर जाये. वहीं अभी दिवाली के सन तैवार के समय इस वर्ष कम बारिश के कारण खडी फसलें बर्बाद हो गई जिसमें सोयाबीन, मका, ज्वार आदि फसलें नाम शेष बारिश के कारण उत्पादन नहीं हुआ वहीं किसानों के सफेद सोना यानी कपास की फसलों पर ही अबी उम्मीद लगाये बैठे थे।

वहीं काटाेल तहसील में प्रारंभ हुई कपास खरीदी जिनिंग प्रेसीग जिनो सुरूवात में ही अच्छी तौर पर बाजार रहने कपास की खरीद तहसील में 5800 रुपए से लेकर 5900 रुपए तक होने किसानों में उम्मीद की किरण जागी वहीं कल प्रारंभ हुई काटाेल कृषि उपज मंडी अंतर्गत काटाेल नागपुर रोड़ काटाेल से 5 किलोमीटर अंतर पर लिंगा सावली ग्राम में कनक जिनिंग प्रेसीग जिन पर बडी़ की संख्या में किसानों हजारों किटल कपास बिक्री के लाया गया जिसमें जिनिंग प्रेसीग के मालकी भुषण ठाकूर द्वारा कपास बिक्री के लिए लाये किसानों तथा विक्रेताओं को सम्मानित कर सत्कार कर पंडित दयानिधी मिश्रा हिनके हाथों विधिवत् पुजा अर्चना कर खरीद प्रारम्भ कि जिसमें उमेश डगारे, आशु राठी, मोहन चरडे, कल्पेश काळबांडे, चन्द्रशेखर बेलखेडे, नितिन राठी, उमेश खंते, किशोर सावरकर, कैलाश देशमुख, राजू उमप, विजय बाविस्कर आदि की बड़ी संख्या में उपस्थिति थे. जिसमें काटाेल तहसील सहीत नरखेड, कलमेशवर, वर्धा जिले के कारंजा गाडगे, आर्वी, आष्टी वरूड, मध्य प्रदेश की कुछ गावों से बड़ी संख्या में कपास बिक्री के लिए लाया गया. वहीं कपास के रेट में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।