Published On : Tue, Jul 6th, 2021

परिवहन मंत्री के परिश्रमों पर एस टी बस चालक व कंडक्टर फेर रहे पानी

सावनेर – कोरोना महामारी के चलते आर्थिक रूप से जूझ रही एस टी बस सेवा को पटरी पर लाने के लिए परिवहन मंत्री अनील परब अथक परिश्रम कर रहे है । कोरोना के नये नियमों के अनुसार बस में 100% क्षमता (Without Standing) यात्रियों के साथ चालू किया गया है ताकि पैसेंजररो (यात्रियों) को आने जाने में कोई दिक़त ना हो ,साथ ही एस टी बसों को हो रहे आर्थिक नुकसान से निज़ात दिलाने में सहायता हो सके, परंतु कुछ एस टी बस चालक व कंडक्टर परिवहन मंत्री अनील परब के प्रयासों पर पानी फेरने में लगे है। ऐसा ही कुछ दुश्य नागपुर जिल्हे में एस टी कुछ बस चालक व कंडक्टर द्वारा हो रहे यात्रियों को नजरअंदाज कर आगे निकल जाना आसानी से देखें मिल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नागपुर से सावनेर के लिए मैन बस स्टैंड एवं मोरभवन से सावनेर के लिए छूटने वाली एस टी बस को नागपुर में इन स्टैंड पर रुकना होता है

1) लोहा पुल
२) NIT लिबर्टी के पास
३) सदर बस स्टैंड
4) पागल खाना चौक NELSON SQUARE
5 ) फारस टाकली पर यात्रियों के लिए रुकना होता है, परंतु नागपुर से सावनेर जाने वाली बसों के कुछ एस टी बस चालक व बस कंडक्टर निधारित किये गए बस स्टॉप जैसे पागल खाना नेल्सन स्क्वायर चौक , फारस टाकली पर ना रुके बस स्टॉप पर खड़े यात्रियों को नजर अंदाज करके बस को खाली लेकर निकल जाते है।
एस टी बस चालक व कंडक्टर के इस रवैये के चलते यात्रियों को काफी तकलीफ़ उठानी पड़ रही है खास कर बुज़ुर्गों को बहुत परेशानियों से जूझना पड़ता है। यात्रियों को घंटो खड़े रहता देख , इस का फायदा ऑटो रिक्शा वाले नागपुर से सावनेर पैसेंजर (यात्रियों) को ला रहे है एवं टैक्सी,मध्य प्रदेश की बसेस पैसेंजर को अपनी गाड़ी में क्षमता से अधिक भर कर ले जाते है ।

एस टी बस स्टॉप पर बस का इंतजार कर रहे यात्रियों को कुछ बस चालकों व कंडक्टरो के इस रवैये के चलते ना चाहते हुवे भी अपने जान को जोखिम में दाल कर क्षमता से अधिक यात्रियों के साथ ऑटो रिक्शा ,टैक्सी और मध्य प्रदेश की बस में बैठ कर मजबूरी में जाना पड़ता है। एस टी बस के चालकों व कंडक्टरो के इस रैवये के चलते परिवहन विभाग को अच्छा खासा आर्थिक नुकसान हो रहा है। जल्द ही अगर ऐसे बस चालक व कंडक्टर पर कोई ठोस क़दम एवं कठोर कार्यवाही नही की गई तो , महाराष्ट्र परिवहन विभाग को इस संकट के दौर मे आर्थिक नुकसान ओर बढ़ने से नही रोक पाएंगे ।
– दिनेश दमाहे,सावनेर