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    Published On : Thu, Apr 22nd, 2021

    “ब्रेक द चेन’ के तहत शहर में कुछ और प्रतिबंध लागू

    नागपुर: राज्य सरकार ने कोविड-19 के प्रकोप से महाराष्ट्र राज्य को खतरा भांपते हुए इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए ‘ब्रेक द चेन’ अभियान के तहत कुछ और प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं. इस आदेश के मद्देनजर संक्रामक रोग नियंत्रण अधिनियम, 1897 की धारा 2 में निहित शक्तियों और सहायक आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों का उपयोग करते नागपुर महानगरपालिका के आयुक्त ने नागपुर महानगर पालिका सीमा में कुछ और प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं. इनमें सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति, प्राइवेट वाहनों से यात्रियों कक परिवहन, वैवाहिक समारोह, पब्लिक पैसेंजर ट्रांसपोर्ट (मेट्रो) आदि के संबंध में नई नियमावलि घोषित की गई है. संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए यह उपाय 22 अप्रैल 2021 को रात 8 बजे से 1 मई 2021 को सुबह 7 बजे तक लागू होंगे.

    कार्यालयों में उपस्थिति: सभी सरकारी कार्यालय (राज्य, केंद्रीय ओर स्थानीय अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में) में कोविड – 19 प्रबंधन के संदर्भ में आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर बाकी कर्मचारियों की 5% की उपस्थिति में काम होगा. अन्य सरकारी कार्यालयों के संबंध में, विभागाध्यक्ष स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अनुमति के साथ अतिरिक्त उपस्थिति पर निर्णय ले सकते हैं.

    वैवाहिक समारोह: विवाह कार्यक्रम को एक ही समारोह के रूप में एक ही हॉल में आयोजित किए जाने चाहिए और अधिकतम 25 लोग इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं. जो परिवार इन प्रतिबंधों का पालन नहीं करते हैं, उन पर 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा और जब तक ‘कोविड -19 आपदा समाप्त नहीं होगी तब तक उस हॉल या स्थल को बंद रखा जाएगा.

    निजी बसों से यात्री परिवहन: बसों को छोड़कर अन्य निजी यात्री परिवहन केवल आपातकालीन सेवाओं के लिए या वैध कारणों के लिए किया जा सकता है लेकिन इसके लिए चालक सहित अधिकतम यात्री बैठाने की क्षमता की पचास प्रतिशत की अधिकतम सीमा होगी. यह यात्रा अंतर-जिला या एक शहर से दूसरे शहर में होना अपेक्षित नहीं रहेगा. यह यात्रा यात्रियों के निवासस्थान वाले शहर तक ही सीमित रहेगी. आवश्यक सेवाओं की पूर्ति के मामले में या चिकित्सा आपातकाल या अंतिम संस्कार के मामले में और यदि परिवार का कोई सदस्य गंभीर रूप से बीमार है, तो अंतर-जिला अथवा अंतर-शहर यात्रा की अनुमति दी जाएगी. इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा.

    जिले में या जिले से बाहर यात्रा के नियम: निजी यात्री बसों में बैठने की क्षमता के पचास प्रतिशत संख्या में ही यात्रियों को अनुमति दी गई है. वाहनों में खड़े रहकर यात्रा की अनुमति नहीं है. अंतर- जिला या अंतर-शहर यात्रा के लिए निजी बसों के लिए बस ऑपरेटरों को एक शहर में केवल दो स्थानों पर ही स्टापेज की अनुमति होगी. साथ ही स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को इसके नियोजन और स्टॉपेज के बारे में सूचित करना अनिवार्य होगा. स्थानीय आपदा प्रबंधन अधिकारी यदि आवश्यक हो तो परिवर्तन का सुझाव दे सकते हैं. सभी स्टॉपेज पर उतरने वाले यात्रियों को 14 दिनों के होम कारंटाइन की मुहर अपने हाथ पर _लगानी होगी और इसकी जिम्मेदारी बस कंपनी की होगी. बाहरी शहरों या राज्यों से आने वाले यात्रियों के लिए स्थानीय आपदा प्रबंधन प्रशासन (डीएमए) शहर में उतरने के स्टापेज पर रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) आयोजित करने का निर्णय करेगा और एक मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला को सेवा की जिम्मेदारी सौंपेगा. परीक्षण की लागत यदि तय की जाती है तो यात्री अथवा सेवा प्रदाता को यह खर्च वहन करना होगा. यदि कोई बस ऑपरेटर इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो डीएमए उस पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाएगा और यदि ऐसा उल्लंघन दोहराया जाता है, तो कोविड-19 स्थिति के अंत तक ऑपरेटर का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा. स्थानीय आपदा प्रबंधन प्रशासन कुछ स्थानों से आने वाली बसों के लिए आवश्यक स्टैंपिंग में छूट प्रदान कर सकता है. यह निर्णय स्थानीय स्थिति पर निर्भर करेगा.

    सार्वजनिक परिवहन: सरकार द्वारा जारी किए गए पहचान पत्र के आधार पर सभी सरकारी व्यक्तियों / अधिकारियों / कर्मचारियों (राज्य / मध्य और स्थानीय) के लिए स्थानीय ट्रेन, मेट्रो और मोनो रेल (लंबी दूरी की ट्रेनों को छोड़कर) सेवाओं का उपयोग के की छूट दी गई है.


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