Published On : Mon, Nov 25th, 2019

महाराष्ट्र सरकार पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चिट्ठी पेश की

नागपुर: महाराष्ट्र में सत्ता के लिए चल रहे उठापटक के बीच 25 नवंबर सोमवार का दिन बेहद अहम है. आज सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट पर है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट से आज जो फैसला आएगा उससे आगे की दशा और दिशा तय होगी. कल की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने आज फिर सुनवाई की तारीख दी थी. साथ ही केंद्र, राज्य, फडणवीस और अजित पवार को नोटिस दिया गया.

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा है कि राज्यपाल को अजित पवार ने चिट्ठी दी. इसकी तारीख 22 नवंबर है. इस पर लिखा गया कि वह एनसीपी विधायक दल के नेता हैं. मेहता ने कहा कि मैं राज्यपाल के सचिवालय की नुमाइंदगी कर रहा हूं. याचिकाकर्ता 12 नवंबर के बाद से राज्यपाल के पास नहीं गए. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा है कि उन्होंने 9 नवंबर तक इंतजार किया. सबसे बड़ी पार्टी को न्योता दिया. भाजपा ने मना कर दिया. 10 तारीख को शिवसेना से पूछा. उसने भी मना कर दिया. 11 को एनसीपी ने भी मना किया. फिर राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया. राज्यपाल को पता था कि एक चुनाव पूर्व गठबंधन जीत गया है.

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा है कि सवाल यह है कि क्या अनुच्छेद 32 की याचिका में राज्यपाल के आदेश को इस तरह चुनौती दी जा सकती है? राज्यपाल को पता था कि एक चुनाव पूर्व गठबंधन जीत गया है.

एक कोई याचिकाकर्ता है, जो 3 पार्टियों के चुनाव बाद गठबंधन के खिलाफ है. अपनी बात पर सुनवाई की मांग कर रहे हैं. कोर्ट ने इस पर कुछ नहीं कहा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला, पृथ्वीराज चव्हाण और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके हैं.