Published On : Fri, Aug 25th, 2017

एसएनडीएल के कॉर्पोरेटहेड के नाम से दी जान से मारने की धमकी


नागपुर:
 शहर में बिजली वितरण करनेवाली फ्रेचाइज़ी एसएनडीएल कंपनी के नाम से जान से मारने की धमकी के विरोध में पुलिस नागरिक समन्यव समिति की ओर से पत्रकार भवन में पत्र परिषद का आयोजन किया गया था.

जिसमें समिति के अध्यक्ष प्रवीण राऊत, नागरिक जनकल्याण समस्या निवारण समिति के प्रभाकर नवखरे, राजू चरबे, अब्दुल गनी, जागेश्वर पाटिल, चंद्रशेखर डोंगरे प्रमुख रूप से मौजूद थे.

इस दौरान प्रवीण राऊत ने जानकारी देते हुए बताया कि वे कई वर्षों से एसएनडीएल द्वारा नागरिकों की लूट के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं. जिसके कारण 23 अगस्त को उन्हें एसएनडीएल कंपनी के कॉर्पोरेट हेड के नाम से फ़ोन आया. फ़ोन करनेवाले व्यक्ति ने अपना नाम कबीर बताया. जिसमें राऊत को चेतावनी दी गई कि एसएनडीएल के काम में दखल मत दो वरना जान से हाथ धो बैठोगे. फ़ोन रखने के बाद राऊत ने जब कबीर नामक व्यक्ति के बारे में जानकारी लेनी चाही तो पता चला कि कोई भी ऐसे नाम का व्यक्ति कंपनी में काम नहीं करता.

राऊत ने पत्र परिषद में बताया कि एसएनडीएल कंपनी द्वारा पिछले 5 वर्षों से नागरिको के साथ लूट हो रही है. जब कंपनी नई थी तो कंपनी को यह आदेश था कि केवल फॉल्टी मीटर ही बदले जाएं, लेकिन कंपनी ने शहर के सभी बिजली के मीटर बदल दिए. राऊत ने बताया कि यह बदले हुए मीटर पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक होने की वजह से मीटर में गड़बड़ी भी की जा रही है. उन्होंने बताया कि सत्यशोधन समिति की ओर से भी कंपनी पर लगाए आरोपों में सच्चाई पाई गई थी. बावजूद इसके कंपनी पर किसी भी तरह से कार्रवाई नहीं की गई. एक तरह से सरकार द्वारा कंपनी को बचाने का ही प्रयास किया जा रहा है.


पत्र परिषद् में मौजूद प्रभाकर नवखरे ने जानकारी देते हुए बताया कि मीटर टेस्टिंग को लेकर उनकी लड़ाई एसएनडीएल कंपनी के साथ शुरु हुई थी. उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा उन्हें हांगकांग का एक्यूचेक मीटर कैलिब्रेशन सर्टिफिकेट दिया गया है. जिसके कारण यह साबित हो चुका है कि कंपनी नागरिकों को सभी तरह से लूट खसोट कर रही है.

इस दौरान मांग की गई है कि एसएनडीएल पर सख्त कार्रवाई कर आपराधिक मामला दर्ज किए जाए. अवैध वसूली और नागरिकों की लूट भी बंद हो. इस परिषद में यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर कंपनी द्वारा लूट बंद नहीं की जाती तो सामूहिक रूप से नागरिक बिजली का बिल भरना बंद कर देंगे. राऊत ने जानकारी दी है कि इसकी शिकायत को लेकर वे मुख्यमंत्री, पालकमंत्री और पुलिस आयुक्त से भी मिलेंगे.