Published On : Fri, Aug 25th, 2017

ढाई एकड़ का तालाब, लेकिन प्रशासन कि अनदेखी से अब बचा है सिर्फ आधा !

– चारों ओर से अतिक्रमण, स्थानीय रहिवासियों ने तालाब को बनाया कूड़ादान
– बचे तालाब में फलफूल रहा ‘पानकांदा’


नागपुर: जिस तालाब में कभी लोग स्नान किया करते व वस्त्र धुला करते थे, आज उसी तालाब को शहर प्रशासन की नज़रअंदाजगी के कारण स्थानीय नागरिकों ने कूड़ादान तो कुछ ने अतिक्रमण कर पक्के मकान व निर्माणकार्य कर के अपने कमाई का जरिया बना लिया है. इस चक्कर में यह तालाब अब सिर्फ आधा ही रह गया है. यह भी समान्य है कि, जहाँ गंदा पानी जमा होता है वहां ‘पानकांदा’ वनस्पति दिन दोगुनी तो रात चौगुनी पनपती है.

उत्तर नागपुर व पूर्व नागपुर के मध्य बिनाकी मंगलवारी पुरानी बस्ती है. इस बस्ती में वर्षो पुरानी लगभग ढाई एकड़ की एक तालाब है. तब इस तालाब में स्थानीय नागरिक स्नान व स्थानीय नागरिक व महिलाएं कपडे धोया करती थी. आज यह तालाब लावारिस सा हो गया है. इस तालाब के चारों ओर अतिक्रमण कर कुछ नागरिकों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए इसपर कब्ज़ा कर लिया है. अतिक्रमण की वजह से तालाब का बड़ा हिस्सा कट जाने से तालाब का आकार छोटा हो गया है. इस तालाब में आसपास के बस्तियों का गंदा पानी छोड़ा जा रहा है. साथ ही आसपास के नागरिकों ने इस तालाब का ‘सदुपयोग’ करते हुए कूड़ादान बना दिया है.

तालाब में जमा हो रही गंदगी में ‘पानकांदा’ नामक जलीय वनस्पति ने अपनी जड़े मजबूत कर रखी है. ‘पानकांदा’ का गुणधर्म यह है कि जहाँ गंदगी वहां अपनेआप उगने व फैलने लगता है. पूर्व स्थाई समिति अध्यक्ष व स्थानीय नगरसेवक प्रवीण भिसीकर ने जानकारी दी कि डेढ़ माह पहले नासुप्र के मार्फ़त साफ़-सफाई की शुरुआत की गई थी, लेकिन उस दौरान २ दिन लगातार वर्षा होने के कारण तालाब में ‘पानकांदा’ जस के तस फ़ैल गया.

तालाब में लिक हुई ‘ड्रेनेज लाइन’ को अतिशीघ्र सुधारा जायेगा. गत सप्ताह प्रभाग -५ के सभी नगरसेवकों ने मनपायुक्त आश्विन मुद्गल से इस तालाब के सौन्दर्यीकरण के लिए ३० लाख रूपए निधि की मांग की. आयुक्त ने उक्त तालाब का प्रत्यक्ष निरिक्षण करने के बाद मांग पूरी करने का आश्वासन दिया. इस तालाब के सम्पूर्ण सौंदर्यीकरण के लिए किसी अनुभवी एजेंसी से रिपोर्ट तैयार करवाया जायेगा. रिपोर्ट तैयार करवाने के लिए विधायक गिरीश व्यास अपने विधायक निधि से १० लाख रूपए देने का आश्वासन दिया है.


रिपोर्ट बनाते वक़्त स्थानीय नागरिकों के सुझाव के अनुसार चारों तरफ सुरक्षा दीवार, तालाब के सभी किनारे पर मूर्ति विसर्जन के टैंक, तालाब की स्वच्छता के लिए ‘एसटीपी’ और मध्य में फव्वारा लगाना ध्येय रखा है. रिपोर्ट तैयार होने के बाद सम्पूर्ण सौंदर्यीकरण के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व सांसद अजय संचेती से निधि की मांग की जाएगी.

– राजीव रंजन कुशवाहा