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    Published On : Sun, Sep 8th, 2019

    एसएनडीएल हटी, अब नागपुर की जिम्मेदारी महावितरण संभालेगी-ऊर्जामंत्री बावनकुले

    नागपुर : शहर के तीन भागों की बिजली वितरण फ्रेंचाइजी करनेवाली कंपनी एसएनडीएल की आर्थिक हालत काफी खराब हो चुकी है. जिसके कारण 12 अगस्त 2019 और 6 सितम्बर को कंपनी ने पत्र द्वारा बताया था की अब हम बिजली की व्यवस्था नहीं संभाल सकते और जल्द से जल्द महावितरण इसे टेकओवर करे. जिसके बाद 8 सितम्बर 2019 की रात से एसएनडीएल कंपनी का काम संचालन बंद और बिजली वितरण की सभी जिम्मेदारी महावितरण ही संभालेगी .

    यह जानकारी रविवार 8 सितम्बर को रविभवन में आयोजित पत्र परिषद् में राज्य के ऊर्जामंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दी. उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि नागपुर शहर के महाल, गांधीबाग और सिविल लाइन का बिजली लॉस 30.06 प्रतिशत था. जिसके कारण विभाग की बिजली व्यवस्था सुचारु करने के लिए 1 मई 2011 को एसएनडीएल को बिजली वितरण फ्रेंचाइजी के रूप में नियुक्त किया था .2011 से लेकर अब तक यह संभाल रही थी. आर्थिक हालत खराब होने के कारण इन्होने आगे काम संभालने से इंकार कर दिया . इसके कारण अब शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से महावितरण ही संभालेगी .

    उन्होंने कहा की एसएनडीएल के वेंडर और कर्मचारी को महावितरण की ओर से उनका पैसा धीरे धीरे दिया जाएगा .एसएनडीएल के नियमित और आउटसोर्सिंग द्वारा रखे गए कर्मचारीयो को चर्चा के बाद रखने की योजना की जाएगी . उन्होंने कहा की ग्राहकों को होनेवाली परेशानी, रिकवरी, बिल से सम्बंधित एसएनडीएल कंपनी की कई शिकायते मिली थी . जिसके जांच के लिए के लेकर कमेटी बनाई गई थी.

    इसमें कंपनी के खिलाफ काफी अनियमिताएं पायी गई थी. जिसके बाद कंपनी को सुधार करने की हिदायत दी गई थी, बाद में कंपनी ने कुछ प्रमाण में सुधार भी किया था. 225 करोड़ रुपए कंपनी से लेने है और 224 करोड़ रुपए उनको देने है. उनपर 3 महीने का लगभग लाइव एरियस 70 करोड़ भी है . उन्होंने कहा की अब नागपुर शहर को फ्रेंचाइजी की जरुरत नहीं है. औरंगाबाद, जलगांव के बाद अब नागपुर शहर को भी बिजली वितरण फ्रेंचाइजी से मुक्त किया गया है.

    बावनकुले ने आगे बताया की एसएनडीएल कंपनी की शिकायत कई बार विधायकों द्वारा की गई थी. एसएनडीएल का मुद्दा कई बार सदन में भी उठाया गया था. लेकिन एकाएक किसी भी कंपनी को नहीं हटा सकते . लेकिन कंपनी ने खुद ही छोड़ने का निर्णय लिया है.
    उन्होंने कहा की बिजली के रेट कम करना हमारे हाथो में नहीं है. मीटर तेज घूमते है. इसपर उन्होंने कहा की महावितरण के अप्रूव के बाद ही मीटर लगाए गए थे.

    इस दौरान पत्र परिषद् में महापौर नंदा जिचकार, विधायक कृष्णा खोपड़े, सुधाकर कोहले, सुधाकर देशमुख, गिरीश व्यास, डॉ.मिलिंद माने, पूर्व महापौर प्रवीण दटके,नागपुर महापालिका कोर समिति के सदस्य महावितरण संचालक दिनेशचंद्र साबू, नागपुर परिक्षेत्र के प्रभारी प्रादेशिक संचालक तथा नागपुर परिमंडल के मुख्य अभियंता दिलीप घुगल मौजूद थे.

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