Published On : Mon, Jun 18th, 2018

अब मनपा कर्मचारियों और अधिकारियों के कार्यक्षेत्र और समय पर ‘ स्मार्ट वॉच ‘ से रखी जाएगी नजर

नागपुर : सरकारी कार्यालय में अनेक कर्मचारी समय पर ऑफिस में नहीं आते हैं. कुछ बिना कोई सुचना के कार्यालय से गायब रहते हैं. समय से पहले ही कई कर्मचारी और अधिकारी घर निकल जाते हैं. ऐसी शिकायतें हमेशा मिलते रहती है. कर्मचारियों, अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए महानगरपालिका ने कर्मचारियों को जीपीएस प्रणाली पर आधारित ‘ ट्रेकिंग’ स्मार्ट वॉच की मांग की है. जिन कर्मचारियों को विशिष्ट क्षेत्र में काम करना पड़ता है. उस क्षेत्र का ‘ जियो फेंसिंग ‘ किया जाता है. समबन्धित कर्मचारी स्मार्ट वॉच पहनकर अपने कार्यक्षेत्र में प्रवेश करते हैं तब उनका रियल टाइम काउंट होता है. यानी कर्मचारी कितने समय क्षेत्र में काम पर था और कितना समय नहीं था, इसकी जानकारी मनपा आयुक्त को डैशबोर्ड पर दिखेगी.

यह ‘वॉच’ केवल सफाई कर्मचारियों को ही देने का प्रस्ताव था. लेकिन नवनियुक्त आयुक्त मनपा वीरेंद्र सिंह ने खुद के साथ ही सभी विभाग प्रमुखों को घड़ी का उपयोग करने का निर्णय लिया. शुक्रवार को खुद घड़ी पहनकर इसकी शुरुआत की. इस समय आयुक्त ने 32 अधिकारियों को घड़ी देकर उन्हें स्मार्ट यंत्रणा में ‘ रजिस्टर ‘ करने के निर्देश दिए. इस दौरान उन्होंने बताया कि हर एक सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों ने निर्देशों के अधीन रहकर अपना काम करना जरूरी है. कर्मचारियों की ट्रेकिंग के साथ अधिकारियो की भी ट्रेकिंग होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि घड़ी का उपयोग करना मतलब किसी भी व्यक्ति की वैधानिक स्वतंत्रता पर बाधा नहीं है. कर्मचारियों की छुट्टियां और अन्य सुविधाएं है वह शुरू रहेगी ही.

केवल सुबह 10 से शाम 6 बजे तक कार्यालयीन समय तक ही ट्रेकिंग होगी उसके बाद अपने आप ट्रेकिंग बंद होगी. आयुक्त ने बताया कि 6 के बाद भी कर्मचारी समय के लिए घड़ी का उपयोग कर सकते हैं. मनपा अधिकारियों के वाहन सरकारी कामों के लिए ही उपयोग में लाए जाते हैं या नहीं इस पर नियंत्रण रखनेवाली जीपीएस ट्रेकिंग सिस्टम जल्द ही शुरू की जाएगी. यह जानकारी भी आयुक्त ने दी. अधिकारियों का मर्यादित भौगोलिक क्षेत्र कामगारों के जैसा नहीं रहता है.

इससे कार्यालयीन समय में कर्मचारी दिन भर कहा कहा था इसकी जानकारी आयुक्त को मिलती रहेगी. यह स्मार्ट वॉच समय दिखाती है. इसमें मोबाइल के सामान ही कैमरा व लाइट्स की सुविधा भी उपलब्ध की गई है. इससे ली हुई फोटो सर्वर में रखी जाती है.

इस घड़ी का निर्माण आयटीआय भारत सरकार की सार्वजानिक उपक्रम की कंपनी ने किया है. ऐसी जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त जयंत दांडेगावकर ने दी है. इस दौरान अतिरिक्त आयुक्त रवींद्र कुंभारे, नवनियुक्त उपायुक्त नितीन कापडनीस, अतिरिक्त उपायुक्त राजेश मोहिते, जयंत दांडेगावकर, आयटीआय लिमिटेड के अभय खरे, समेत मनपा के सभी विभागप्रमुख मौजूद थे.