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    Published On : Wed, Jul 18th, 2018

    ‘स्मार्ट’ सिटी से पहले शहर की सड़कों को दुरुस्त करने की जरूरत

    नागपुर: शहर की सड़कों के कारण कई वर्षों से नागरिक और वाहनचालक परेशान हो रहे थे. लेकिन अब बारिश के बाद से यह गड्डे और सड़कें अब जानलेवा साबित होते जा रही हैं. बारिश के कारण शहर के ज्यादातर सड़कों की गिट्टी बाहर आ चुकी है. जिसके कारण कई जगहों पर वाहन फिसलकर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं. कई जगह पर सड़कों के बीचोबीच गड्डे होने से बारिश का पानी उसमे भर जाता है, जो अक्सर वाहन चालकों को पता नहीं होता और वे दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं.

    ऐसे गड्ढे रविनगर, शंकरनगर, घाट रोड, कॉटन मार्केट, नंदनवन, इमामवाड़ा व शहर के लगभग जगहों पर यही हाल है. अभी शहर में विधानसभा का मॉनसून सत्र शुरू है. बावजूद इसके शहर की सड़कों के हाल सरकार नहीं सुधार पा रही है और ना ही उसका ध्यान इस पर जा रहा है. समस्या केवल बारिश तक ही सीमित नहीं है.

    बारिश थमने पर सड़कों की धूल सेहत पर बुरा असर डाल रहे हैं साथ ही साफ दिखाई न देने से फिर दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. यह रोजमर्रा की समस्या नागरिकों के लिए सिरदर्द साबित हो रही है. शहर को ‘स्मार्ट ‘ सिटी का तमगा लगाने के लिए नेताओं में होड़ मची है. लेकिन जिस शहर की सड़कें गड्डों से भरी पड़ी ह,उसे ‘स्मार्ट ‘ सिटी नहीं कहा जा सकता.

    शहर के बड़े मंत्री नागपुर के होने के बावजूद भी सड़कों की हालत में कोई सुधार नहीं दिखा है. कुछ दिन पहले खराब सड़कोंके कारण मुंबई ठाणे उपमहानगर में पांच लोगों की जान चली गई. अब मानसून शुरू होने से सड़कों की मरम्मत का काम नहीं किया जा सकता.

    जिसके कारण शहर के नागरिकों में काफी रोष है. लेकिन इनके रोष का किसी भी तरह का असर नेताओं पर नहीं हो रहा है. जिससे यह कहना गलत नहीं होगा कि स्मार्ट सिटी से पहले सड़कों को स्मार्ट बनाने की जारूरत है.

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