Published On : Fri, Aug 9th, 2019

स्मार्ट सिटी प्रकल्प प्रशासन की नीतियाँ पारदर्शक नहीं

जिला शिवसेना प्रमुख प्रकाश जाधव का संगीन आरोप

नागपुर: शिवसेना जिल्हाप्रमुख प्रकाश जाधव के नेतृत्व में विगत माह नागपुर महानगरपालिका में स्मार्ट सिटी के गलत नीतियों के विरोध व प्रकल्प के पीड़ितो को न्याय दिलवाने के लिए आंदोलन किया गया था. जहाँ प्रकल्प के सीईओ रामनाथ सोनवाने ने काफी आनाकानी के बाद पीड़ितों की समस्याओं को सुनने-समझने के लिए पीड़ितों की बैठक लेने का आश्वासन दिया था.इस क्रम में कल पूर्व नागपुर स्थित पुरनापुर में माँ गंगा सेलिब्रेशन हॉल में बैठक ली गई.बैठक से असंतुष्ट जाधव ने स्मार्ट सिटी प्रकल्प प्रशासन की नीतियों में पारदर्शिता न होने का आरोप लगाया।उक्त बैठक में सैकड़ों पीड़ित पुरुष व महिला उपस्थित थे.

प्रकल्प प्रबंधन की ओर से सोनवाने ने प्रोजेक्टर पर स्मार्ट प्रोजेक्ट की जानकारी देकर सर्वप्रथम खुद की पीठ थपथपाई।पश्चात् उन्होंने कहा कि जिन प्रभावितों के मकान पूर्णतः या आंशिक रूप से प्रभावित हो रहे है,उन्हें मकान के बदले मकान, आंशिक प्रभावित मकान को मुआवजा, बंगले के बदले बंगला,जमीन के बदले जमीन व प्रभावित लोगों को डबल, ट्रिपल एफएसआई देने की योजना समझाया ।

इसके बाद पीड़ितों ने एक-एक कर अपना दुखड़ा सुनाया।कुछ ने उनके घरों को न तोड़ने की अपील की तो कुछ ने स्मार्ट सिटी के लिए सर्वे करनेवाली एजेंसी पर डराने धमकाने के आरोप लगाए। कुछ ने नासुप्र द्वारा डिमांड भर पूर्णरूप से लीगल मकान होने के बाद भी स्मार्ट सिटी के अंतर्गत प्रभावित होने की शिकायत की,कुछ किसानों ने कहा कि मुआवजे का ५ गुणा रकम प्रकल्प द्वारा विकसित करने की मांग की जा रही.पीड़ितों ने यह आरोप लगाए की जिस क्षेत्र में सड़कों की आवश्यकता नहीं फिर भी अकारण बिना मांग के सड़क चौड़ीकरण के नाम पर घर से बेदखल किया जा रहा.

स्मार्ट सिटी की नीतियों के अंतर्गत प्रभावित लोगों को उनके जमीन के लिए रेडिरेकनेर के भाव के हिसाब से मुआवजा देने की जानकारी मिली है,जबकि इसी क्षेत्र में ६-७ गुणा बाजार भाव हैं,इसलिए बाजार भाव के हिसाब से पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग सेना के ओर से की गई.

कुछ विशेष शिवसैनिकों ने गोर-गरीबों के मकानों को तोड़ने का पूर्ण विरोध दर्ज करवाई।

शहर समन्वयक नीतिन तिवारी ने रामनाथ सोनवाने द्वारा पूर्व नागपुर स्थित पीली नदी व नागनदी के संगम स्थल को उच्च कोटी के पर्यटन स्थल बनाने के सपने का जवाब देते हुए कहा कि नागनदी व पीलीनदी में गंगा जमुना सा शुद्ध पानी नही बहता पहले उसके लिए एसटीपी प्लांट बनाकर उसके जल का शुद्धिकरण किया जाए और उस जल की बदबू को दूर करने का प्रायस किया जाए उसके बाद स्मार्ट सिटी के बारे में सोचना चाहिए।

जाधव के अनुसार सैकड़ों पीड़ितों ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की नीतियों का विरोध दर्शाया।अंत में प्रकाश जाधव ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की सोनवाने द्वारा बताई गई योजना में कोई पारदर्शिता नजर नहीं आती, प्रकल्प के लिए दिखाए जानेवाले नक़्शे में अनगिनत त्रुटियां है,जिन्हें सुधारने की आवश्यकता है.प्रकल्प का पुनर्वसन प्रारूप पुनर्वसन पॉलिसी के तहत होनी चाहिए,पीड़ितों को पुनर्वसित करने व उन्हें मुआबजा देने की नीति बिल्कुल स्पष्ट नजर नही आती, प्रबंधन पीड़ितों सह प्रकल्प का पूर्ण नियोजन बाद प्रकल्प का कार्य शुरू करें,इसके पूर्व किसी भी प्रभावितों से उसकी भूमि,मकान हथियाने की पहल न करें।अन्यथा तीव्र जनविरोध का सामना करना पड़ेंगा।

इस सम्मेलन के दौरान शहर प्रमुख राजू तुमसरे,शहर समन्वयक नितिन तिवारी, चिंटू महाराज,यशवंत राहंगडाले,किशोर ठाकरे,प्रवीण जुमड़े,सुनील बेनर्जी,मुन्ना तिवारी,गजानन चकोले,मोहन गुरुपंच,प्रवीण काकडे, समित कपाटे, संजय राऊत, अरविंद राजपूत, विजय शाहू, सोनू मिश्रा,कृष्णा चावके,रुपेश बांगडे,छगन सोनवणे,यश जैन,देवेंद्र माहुरकर,हरिभाऊ बानाईत,सचिन डाखोरे,राजेश सरोदे,गौरव महाजन,पप्पू कौशले, हेमंत चोरमार,रोशन निर्मलकर,कैलास वर्मा,मंगेश ठाकरे,पंकज लांजेवार,सनी अग्रवाल,अमोल हूड,दिनेश मेश्राम,दुर्गेश मासुरकर,ईश्वर साहू,सचिन सोनबोईर,दत्तू साबळे,शुभम अग्रवाल,शिवानंद मौर्या,आशीष हाडगे,अब्बास अली,अभिषेक धुर्वे सहित अन्य शिवसैनिक सह प्रभावित जनसमुदाय उपस्थित था.