Published On : Thu, Apr 26th, 2018

स्मार्ट सिटी : गुमराह करने का कोई मौका नहीं छोड़ती

नागपुर: नागपुर मनपा सचमुच स्मार्ट सिटी के क्रम में काफी आगे निकल चुकी है, जो सेवा राज्य सरकार ने बंद कर दी है उसका फलक आज भी कायम रख अपनी गुणवत्ता की फजीहत करनवाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. ऐसे में फर्जी रिकॉर्ड के सहारे ही स्मार्ट सिटी की सूची में क्रमांक लग सकता है.

पुराना खोआ बाजार से फुले बाजार की ओर जाने वाले मार्ग पर बाईं ओर परिवहन विभाग का संचालन करने वाली डिम्ट्स का स्थानीय मुख्यालय है. इस कार्यालय के बाहर एक फलक लगा हुआ है, कि यहां मनपा का चुंगी नाका है, सम्बंधित जांच के लिए रुके. अर्थात इस फलक के हिसाब से नागपुर मनपा में चुंगी प्रथा शुरू है, यह चर्चा इस मार्ग पर आवाजाही या नियमित दिखने वाले करते मिल जाएंगे.

जबकि मनपा में वर्षों पहले चुंगी प्रथा थी, जिसे राज्य सरकार ने समाप्त कर दिया. जिसके उल्लंघनकर्ताओं से आज तक वसूली प्रक्रिया शुरू है. इस दौर के उल्लंघनकर्ताओं के १० गुणा जुर्माना के प्रस्ताव की फाइल सम्बंधित विभाग के सम्बंधित अधिकारियों ने दबा दिए हैं.


इसके बाद कुछ वक़्त के लिए एलबीटी आई और तेजी से रंग दिखाकर लौट गई. इसके भी बकायेदारों से आज भी वसूली पूर्ण समाप्त नहीं हुई हैं. अब मनपा में जीएसटी का दौर जारी है. सरकार की ओर से जीएसटी का अनुदान प्रत्येक माह मनपा संचालन के लिए दी जा रही है. फिर भी चुंगी का फलक समझ से परे है.

उल्लेखनीय यह भी हैं कि मनपा के अधिकांश राजस्व विभाग का हमेशा एक ही अधिकारी को जिम्मा सौंपा जाता है, वह भी वार्ड अधिकारी को, जिसकी नियुक्ति ही ज़ोन के मुखिया के लिए हुई है. क्या मनपा में राजस्व संभालने के मामले में एक ही सक्षम अधिकारी है, शेष अंगूठा बहादुर है क्या?