Published On : Wed, Sep 11th, 2019

सीताबर्डी के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के खिलाफ ‘ डिफ़ॉल्ट ‘ रिपोर्ट पेश

फ्रेंड्स शोरूम मामले में लापरवाही बरतने का आरोप

नागपुर- फ्रेंड्स शोरूम में कैमरा छुपाकर लड़कियों और महिलाओ के विडिओ बनाने के मामले में सीताबर्डी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने गलत तरीके से इस मामले में अपराध दर्ज किया था. इस अपराध की पहली रिपोर्ट से लेकर विभिन्न दस्तवेजो में अनेक प्रकार के दोष विभागीय जांच में सामने आए है. इस मामले में पोलीस निरीक्षक जगवेंद्रसिंग राजपूत के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए ‘डिफ़ॉल्ट ‘ रिपोर्ट पुलिस आयुक्त ने पेश की है. ऐसी जानकारी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. शशिकांत महावरकर ने पत्र परिषद् में दी.

पिछले महीने 9 अगस्त को इंजीनियरिंग की 17 वर्षीय दो लड़किया कपडे खरीदने के लिए फ्रैंड्स शोरूम में गई थी. उस दौरान शोरूम के चेंजिंग रूम में एक मोबाइल विडिओ बनाने के लिए छुपाकर रखा गया था. इसमें से एक लड़की मोबाइल लेकर पुलिस स्टेशन पहुंच गई थी. इसके बाद पुलिस ने नौकर के खिलाफ विनयभंग का मामला दर्ज किया था.लेकिन शोरूम के मालिक किसन अग्रवाल को खुला छोड़ दिया और दिखावे के लिए 188 कलम के अंतर्गत कार्रवाई कर पुलिस स्टेशन से ही उसे जमानत भी दे दी गई थी.

इस मामले में एट्रोसिटी का मामला दर्ज नहीं किया गया था. इसके बाद इस मामले की शिकायत महिला आयोग के पास की गई थी. इस मामले में सीताबर्डी पुलिस ने मामला दर्ज करने से लेकर जांच में लापरवाही बरती थी. अनियमितता किए जाने के आरोप के बाद पुलिस आयुक्त डॉ. भूषणकुमार उपाध्याय ने जांच भरोसा सेल की पुलिस निरीक्षक शुभदा संखे के पास भेजी और विभागीय जांच के आदेश दिए. पुलिस उपायुक्त विनीता शाहु ने पुलिस निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस भेजा था .

इसके बाद पता चला की मामला दर्ज करने से लेकर जांच में कई गलतियां की गई. इस कारण पुलिस उपायुक्त की रिपोर्ट के बाद राजपूत पर कार्रवाई करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियो के पास ‘डिफ़ॉल्ट ‘ प्रस्ताव भेजने की जानकारी पत्र परिषद् में दी गई. साफ़ छवि के व् महिला सुरक्षा विषय को गंभीरता से लेनेवाले पुलिस आयुक्त डॉ. भूषणकुमार उपाध्याय राजपूत पर क्या कार्रवाई करते है. इसकी तरफ सभी ध्यान लगा हुआ है.