नागपुर: महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान के सामाजिक कार्यों का समर्थन करते हुए नागपुर के सिख समाज के प्रतिनिधियों ने पत्रकार परिषद आयोजित की। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों में सिख समाज का नाम और धार्मिक जयकारों का इस्तेमाल कर प्यारे खान की प्रतिष्ठा धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।पत्रकार परिषद में सिख समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि कुछ व्यक्तियों की गतिविधियों को पूरे सिख समाज से जोड़कर देखना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्यारे खान के सामाजिक योगदान को नजरअंदाज कर उनके खिलाफ माहौल बनाने के लिए समाज की धार्मिक पहचान का इस्तेमाल करना गलत संदेश देता है।
प्रतिनिधियों ने कहा कि सिख समाज अपनी धार्मिक पहचान और सामुदायिक छवि को लेकर संवेदनशील है। धार्मिक जयकारे आस्था, सम्मान और परंपरा के प्रतीक हैं। ऐसे में उनका इस्तेमाल किसी व्यक्ति के विरोध में इस तरह नहीं किया जाना चाहिए, जिससे पूरे समुदाय की भूमिका पर सवाल खड़े हों।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति के समर्थन या विरोध को पूरे समाज की राय के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है। प्यारे खान के सामाजिक कार्यों के संदर्भ में अपनी बात रखते हुए प्रतिनिधियों ने धार्मिक पहचान के कथित दुरुपयोग पर आपत्ति जताई।
पत्रकार परिषद के माध्यम से सिख समाज ने लोगों से अपील की कि किसी व्यक्ति की गतिविधियों को पूरे समुदाय से जोड़कर न देखा जाए। साथ ही, धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखा जाए।



