Published On : Wed, Jul 28th, 2021

मेडिकल-मेयो में औषधियों की कमी!

नागपुर: एशिया में सबसे बड़े अस्पतालों में से पहचाने जाने वाले सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और इंदिरा गांधी सरकारी मेडिकल कॉलेज गरीब मरीज़ों के लिए आधार है। लेकिन यहां भी औषधियों की कमी के मामले सामने आ रहे हैं। मेडिकल में मार्ड के डॉक्टरों ने डीन को समाप्त हुए औषधियों की सूची सौंपी है।

मेडिकल, मेयो में तकरीबन सौ प्रकार की औषधियों का स्टॉक उपलब्ध रहता है। लेकिन मौजूदा हालात में कैज्युअल्टी, ऑपरेशन थियटर समेत लगभग सभी वॉर्ड में औषधियों के स्टॉक में काफी कमी आई है। इसके चलते मरीज़ों की सेवा करने वाले डॉक्‍टरों के सामने अत्यंत कठिन परिस्थिति उत्पन्न हो गई है। यहां अवस्था इतनी दयनीय हो गई है कि मरीज़ों के परिजनों के हाथों प्रेस्क्रिप्शन लिखते समय वे औषधियों के साथ साथ सर्जिकल ग्लोव का भी ज़िक्र कर रहे हैं। औषधियां समाप्त होने के संदर्भ में मार्ड संघटन की ओर से डीन और चिकित्सा सचिव को भी ज्ञापन सौंपा गया है।

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यह है समाप्त औषधियों और सर्जिकल उपकरणों की सूची:
आयवी सेट, सलाईन बॉटल, कॅथेटर, इंट्राकॅथ यह सर्जिकल उपकरणों के साथ साथ नोराड्रेनायलिन, ॲड्रेनालिन, एविल, ऍमोक्झोसिलिन, न्युओस्टीगमाईन, ग्लायकोपायरोलेट, ॲट्राक्युरिन, वेक्यूरोनिअम, केटॅमिन, टीटी इंजेक्शन, बेटॅडिन सोल्युशन, ट्रॉपिकली प्लस, ॲपिडाईन ड्रॉप, जीवनरक्षक डेक्‍सा, ऍट्रोफिल, डायक्‍नो, रॅनटॅक, पॅरिनार्म, कॅल्शियम ग्लुकोनो लस, डेरिफायलीन, ऍमिरोफायलीन आदि औषधियों का स्टॉक लगभग समाप्त हो चुका है।

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