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    Published On : Thu, Nov 21st, 2019

    शहर का कचरा संकलन चरमराई,शिवसेना ने किया आंदोलन

    – कम्पनियों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं होने तथा बेतरतीब कार्यप्रणाली के चलते शहर के अनेक हिस्सों में जमा हो रहे कचरे

    नागपुर : मनपा की ओर से घर-घर से कचरा संकलन के लिए भले ही पुख्ता व्यवस्था लागू करने का दावा करते हुए बीवीजी और एजी नामक कम्पनी को ठेका आवंटित किया गया हो, लेकिन कम्पनियों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं होने तथा बेतरतीब कार्यप्रणाली के चलते शहर के अनेक हिस्सों में जमा हो रहे कचरे को लेकर कल शिवसेना के शहर समन्वयक नितिन तिवारी के नेतृत्व में मनपा में कचरा फेंको आंदोलन किया गया. दोपहर को मनपा मुख्यालय उस समय नारेबाजी से गूंज उठा, जब कार्यकर्ताओं ने नई कम्पनियों की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए.

    प्रदर्शनकारियों का मानना था कि शहर में प्रतिदिन 1255 मेट्रिक टन कचरा उत्पन्न होता है, लेकिन दोनों कम्पनियों द्वारा प्रतिदिन केवल 635 मेट्रिक टन कचरा संकलित किया जा रहा है. कम्पनियों की लापरवाही के चलते ही केवल 4 दिनों में शहर के भीतर 3 हजार मेट्रिक टन कचरा जगह-जगह जमा हो गया है.

    शिष्टमंडल का मानना था कि मनपा की वित्तीय स्थिति दयनीय होने के बावजूद जहां पिछली कम्पनी को 1436 रु. प्रति टन से भुगतान किया जा रहा था, वहीं अब नई कम्पनियों को 1950 रु. प्रति मेट्रिक टन की दर से भुगतान का निर्णय लिया गया. इन कम्पनियों को 500 रु. से अधिक का दर दिए जाने के बावजूद पूरा शहर कचरे से सराबोर हो रहा है. केवल कागजों में ही अत्याधुनिक व्यवस्था लागू करने का दावा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि दोनों कम्पनियों को 3 माह पहले कार्यादेश जारी किया गया था. कम्पनियों को समय से संसाधन जुटाने चाहिए थे, किंतु संसाधन नहीं होने से कम्पनियां कचरा संकलन करने में नाकाम साबित हो रही हैं. यहां तक कि कम्पनियों के पास अपने नाम की मालवाहक गाड़ियां तक नहीं हैं.

    मनपा आयुक्त के नाम दिए गए ज्ञापन में उन्होंने बताया कि समझौते की शर्तों के अनुसार कम्पनियों के पास स्वयं के नाम की नई ब्रांड मालवाहक गाड़ियां होनी चाहिए, जिसमें अधिक क्षमता वाले 100 से 125 तथा छोटे कचरा वाहक 300 से 325 प्रति कम्पनियों के पास होने चाहिए, किंतु वर्तमान में कम्पनियों के पास 5 से 7 भारी वाहन तथा 30 से 35 ही छोटी गाड़ियां उपलब्ध हैं, जिसके माध्यम से शहर से प्रतिदिन उत्पन्न होनेवाला 1250 मेट्रिक टन कचरा उठाना लगभग असंभव है. यही कारण है कि मनपा के विभिन्न जोन में उपलब्ध कचरा ढोनेवाली सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

    इन सरकारी वाहनों से आनेवाले कचरे का नापजोक कर पैसा ठेकेदारों की तिजोरी में जमा होने का आरोप भी शिष्टमंडल ने लगाया. शिष्टमंडल में मुन्ना तिवारी, अब्बास अली, आशीष हाडगे, शशिधर तिवारी, लालसिंह ठाकुर, आकाश पांडे, शशिकांत ठाकरे, गौरव गुप्ता, अभिषेक धुर्वे, ललित बावनकर, गौरव सावरकर, पवन गुग्गुसकर, भोला वर्मा, शाकीर हुसैन, गौरव शाहू, रोहित मिश्रा, गणेश बनपेला आदि शामिल थे.


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