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    Published On : Thu, Sep 20th, 2018

    काटोल महोत्सव में शत्रुध्न सिन्हा भरेंगे हुंकार

    नागपुर : अपने दल में नजरअंदाज चल रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुध्न सिन्हा फिर से एक बार अपनी ही सरकार को लाताड़ेगे ? अपनी ही पार्टी में नजरअंदाज चल रहे शत्रुध्न का नाम इन दिनों बीजेपी के बागी नेताओं की लिस्ट में प्रमुखता से शुमार है। देश भर में पहचाने जाने वाले शॉर्टगन और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने एक अराजकीय मंच की स्थापना कर किसानों के मुद्दों के साथ अन्य मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की आलोचना कर रहे है। सिन्हा कुछ माह पूर्व राज्य में पार्टी से बागी चल रहे विधायक आशीष देशमुख के मंच पर पहुँचे थे। साथ ही यवतमाल में किसानों की माँगो को लेकर बड़ा आंदोलन किया था। अनशन पर बैठे सिन्हा को मानाने खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को किसानों के बीच आना पड़ा था। अब विदर्भ की धरती से शत्रुध्न सिन्हा हुंकार भरेंगे। आशीष देशमुख ने अपनी विधानसभा सीट काटोल में काटोल महोत्सव का आयोजन किया है। जिसमे शत्रुध्न सिन्हा भी शिरकत करने वाले है।

    सिन्हा की बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व और नीतियों पर नाराजगी जगजाहिर है ऐसे में वो संघ की भूमि से कुछ दुरी से क्या बोलेंगे ये दिलचस्प होगा। वैसे संघ के दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में संघप्रमुख डॉ मोहन भागवत ने जिन मुद्दों पर संघ की सोच को देश के सामने प्रस्तुत किया उसने सरकार की नीतियों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। ऐसे में सिन्हा भी इस बार ज़्यादा और खुलकर बोलेगे ऐसे कयास लगाए जा रहे है। अपने बीते नागपुर दौरे के दौरान उन्होंने संघ मुख्यालय में संघ प्रमुख से मुलाकात भी की थी।

    कार्यक्रम में शिरकत करने शत्रुध्न सिन्हा शुक्रवार को ही नागपुर पहुँच जायेगे । उनके एक जानेमाने होटल में रुकने की व्यवस्था आयोजकों द्वारा की गई है। जहाँ से वो काटोल के लिए रवाना होंगे। आशीष देशमुख ने अपने इस सांस्कृतिक महोत्सव को राजनीतिक मंच बनाने में किसी तरह की कसर बाक़ी नहीं रखी है। उन्होंने बीजेपी के अलावा अन्य दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया है। लंबे समय तक समाजवादी विचारधारा के आंदोलन से जुड़े रहे आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह और प्रीति मेनन भी महोत्सव से शिरकत करेंगे। सिंह महोत्सव के अंतर्गत आयोजित युवा संसद को संबोधित भी करेंगे। देशमुख के बाग़ी रुख को देखते हुए कहाँ जा रहा है की वो पार्टी छोड़ सकते है। एक वर्ष के भीतर विधानसभा के चुनाव होने वाले है ऐसे में क्या वो इस तरह का कोई कदंम उठा सकते है। इस सवाल के जवाब में उनका कहना है की ज़वाब वो 22 तारीख को ही देंगे।

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