Published On : Tue, Oct 16th, 2018

सोशल मीडिया में खूब फल-फूल रहा सेक्स कारोबार

चैटिंग एप “टिंडर” सबसे ज़्यादा लोकप्रिय

नागपुर: देह व्यवसाय (सेक्स प्रॉस्टिट्यूशन) देश में क़ानूनन जुर्म है। बावजूद इसके ये गंदा धंधा चल रहा है। नागपुर में कई पुलिसिया कार्रवाई में देह व्यवसाय के लिए इससे जुड़े अपराधियों द्वारा अपनाये जाने वाले नए-नए तरीके सामने आते रहे है। इन दिनों एक तरीका जो जमकर अपनाया जा रहा है वो इंटनेट से जुड़ा हुआ है। सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिये ये गैरकानूनी व्यापार नागपुर में जमकर फ़ल फूल रहा है। कहते है अपराधी कितना भी शातिर हो पुलिस उससे दोगुनी साबित होती है।

इसलिए लिए इस व्यवसाय के लिए आरोपी चाहे किसी भी तरह के हथकंडे अपनाये वो कानून की गिरफ्त में फंस ही जाते है। पुलिस की नेटवर्किंग और सूत्र अक्सर इस व्यवसाय की पोल खोल देते है। लेकिन बीते कुछ वक्त में देह व्यवसाय से जुड़े लोगो ने अपना तरीका बदला है। माऊथ और फेस टू फ़ेस डील करने की बजाय सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। सोशल नेटवर्किंग की कई साइट मौजूद है लेकिन इस व्यवसाय के लिए सबसे पसंदीदा एप है “टिंडर” ये एप आम तौर पर अन्य एप से ज़रा अलग है। इसे डेटिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है और ये युवाओं के बीच काफ़ी लोकप्रिय भी है। इसी का फ़ायदा उठाते हुए देह व्यवसाय से जुड़े लोग अपनी जाली प्रोफाईल बनाकर इसमें लोगों को फ़सा रहे है।


इस एप को इस्तेमाल करने वाले कई युवकों के मुताबिक उन्हें आये दिन ऐसे लोग संपर्क करते है जिनका सीधा जुड़ाव देह व्यवसाय से होता है। नाम न छापने की शर्त पर एक युवक ने नागपुर टुडे को बताया कि उससे किसी ने संपर्क किया। पहले तो सामान्य बातचीत हुई। दोस्ती हुई फिर एका-एक सामने वाले ने उससे पेड सेक्स की रूचि के बारे में पूछा। ऐसा अनुभव कई युवकों का है अक्सर ऐसे लोग जो देह व्यवसाय से जुड़े होते है वो ऐसे चैटिंग एप में अपनी पहचान को गुप्त रखते है या जाली पहचान के जरिये एक्टिव रहते है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया के जरिये ही नागपुर में ग्राहकों को विदेशी युवतियाँ भी उपलब्ध कराई जा रही है।

नागपुर पुलिस की हालही में हुई कुछ कार्रवाइयों में देश व्यवसाय से जुड़े लोगो द्वारा ग्राहकों से संपर्क करने के लिए ऐसे ही चैटिंग एप का इस्तेमाल किये जाने की जानकारी सामने आयी थी। लेकिन कई तकनीकी अड़चनों की वजह से इन पर निगारानी रखना और इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को पहचानना मुश्किल काम है। जिस वजह से अपराधियों के हौसले बुलंद है। फेस टू फेस होने वाले देह व्यवसाय के कारोबार में जानकारी के सार्वजनिक होने का खतरा अधिक होता है। जिससे अक्सर आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ जाते है जबकि टिंडर जैसे एप के माध्यम से एक्टिव लोग आपस में ही चीजें तय करते है। जिस वजह से जानकारी सामने नहीं आ पाती।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिये शहर में देह व्यवसाय का कारोबार काफ़ी फ़ैल चुका है। माध्यम वर्ग के साथ ही एलीट क्लास में भी यह साधन देह व्यापर के लिए लोकप्रिय बन चुका है। ऐसे में आवश्यकता है कि पुलिस और अधिक सतर्क होकर एप के जरिये चलने वाले इस गैरकानूनी काम पर लगाम लगाने के लिए अपनी यंत्रणा को विकसित करे।