Published On : Mon, Apr 27th, 2015

कोराडी : अधिवेशन आत्मचिंतन का मंच बने – वि. सुनील केदार

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विदर्भ ज्युनिअर कालेज टीचर्स असोशियन अधिवेशन

Sunil Kedar Baban Taiwade
कोराडी (नागपुर)। शिक्षकों पर समाज बनाने की जिम्मेदारी है. शिक्षा से विकास की शुरुवात होने से शिक्षकों को समाज में सुविचार और समृद्धि लाने का सम्मान मिले. अधिवेशन इन सभी घटकों के लिए आत्मचिंतन का मंच बने ऐसा वि. सुनील केदार ने कहा. वे कोराडी के तेजस्विनी कनिष्ठ महाविद्यालय में आयोजित विज्युक्टा के जिलास्तरीय अधिवेशन में प्रमुख अतिथी के तौर पर बोल रहे थे.

डा. रमेश रवाडे की अध्यक्षता में हुए अधिवेशन का उद्घाटन डा. बबन तायवाडे के हांथों किया गया. रविवार को हुए इस अधिवेशन में शिक्षक विधायक नागो गानार, विभागीय शिक्षण मंडल के सहायक सचिव श्रीराम चव्हाण, जगदंबा शिक्षण संस्था के संचालक प्रेमलाल पटेल, विज्युक्टा के महासचिव अशोक गव्हाणकार, महादुला नगरपंचायत उपाध्यक्ष राजेश रंगारी, मधुसुधन अंधारे, लक्ष्मण राठोड, मुख्याध्यापक के.पी. धोबरे, लक्ष्मण राठोड, लक्ष्मीकांत धानोरे आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे.

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इस दौरान डा. बबन तायवाडे ने कहां कि संघटना का प्रयास शुरू रखे. व्यक्तिगत संघटना की विचारधारा अलग होनी चाहिए. कोई भी राजकीय पार्टी ने संल्गनीत न रहे. साथ में रहने से समस्या सुलझाने में सफलता मिलेगी. ऐसे विचार उन्होंने व्यक्त किए. इस दौरान प्रेमलाल पटेल, राजेश रंगारी, श्रीराम चव्हाण आदि का मार्गदर्शन हुआ. खुले अधिवेशन और चर्चासत्र में चर्चा हुई. कार्यक्रम का प्रास्ताविक श्रीकांत पागृत, मधुकर गुंडलवार ने किया.

कार्यक्रम का संचालन आरती बारहाते और सुनीता खोबे ने तथा आभार आर.टी. नागरे ने माना. कार्यक्रम की सफलता के लिए संदीप लोहकरे, राजेश राउत, विशाल टेम्भुर्ने, रंजना सातपुते, संजय दोनोडे, राजेश तुमसरे, संजय काले, सुनीता खोबे, दिनकर ठवले, अभय अम्बुले आदि ने प्रयास किया.

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