Published On : Sat, Feb 29th, 2020

स्मार्ट कार्ड प्राप्त करने मे वरिष्ठो नागरिकों को हो रही है कठीनाई

आधार कार्ड पर ही रियायत देने की वरिष्ठ नागरिकों की मांग

नागपुर : एसटी महामंडल द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को सहूलियत पर यात्रा करने लिये सरकार ने स्मार्ट कार्ड योजना सुरू की है. लेकिन स्मार्ट कार्ड निकालने के लिये नगर मे अत्याधिक कम केन्द्र रहने से वरिष्ठ नागरिकों को परेशानी हो रही है. 31 मार्च तक स्मार्ट कार्ड बनानेवाले वरिष्ठ नागरिकों को सुविधा लाभ मिलनेवाला है इसलिये वरिष्ठ नागरिकों की भागमभाग हो रही है. स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए वरिष्ठ नागरिकों को गणेशपेठ का बसस्थानक और मोर भवन यह दो केन्द्र है. केन्द्र की संख्या पर्याप्त नही है यह कहना है वरिष्ठ नागरिकों का. बडी संख्या मे वरिष्ठ नागरिक कार्ड बनाने के लिये यहा आते है लेकिन एक दिन मे केवल 50-60 लोगों के ही कार्ड बनते है. सुबह से घंटों से कतार मे लगने के बाद भी अनेक वरिष्ठ नागरिकों को खाली हाथ लौटना पडता है. बार-बार कंप्युटर बंद पडने से रूकावटे आ रही है.

एजन्सी के द्वारा भी स्मार्ट कार्ड निकालने की प्रक्रिया जारी है लेकिन वहा राशी जादा लगने से वरिष्ठ नागरिकों की इन दोनो केन्द्र पर अत्याधिक भीड हो रही है. एजन्सीवाले 110-120 रुपये अधिक लेकर 70 रुपये रसिद दे रहे है ऐसी शिकायत वरिष्ठ नागरिकों ने की है. स्मार्ट कार्ड की प्रक्रिया तेज गती से इसलिये केंद्रो की संख्या बढाने की मांग सहकारनगर ज्येष्ठ नागरिक मंडल के अध्यक्ष हुकूमचंद मिश्रीकोटकर ने की है. 31 मार्च तक स्मार्ट कार्ड नही बनने पर वरिष्ठ नागरिकों को सुविधा से वंचित रहना पड सकता है.


रेल्वे मे 60 तो राज्य परिवहन महामंडल मे 65 वर्ष क्यो ?
वरिष्ठ नागरिकों की उम्र 60 वर्ष ऐसा कानून है. राज्य सरकार ने 9 जुलाई 2018 को जीआर निकाला है मात्र एसटी महामंडल ने लागू नही किया इसलिये वरिष्ठ नागरिकों को सुविधा से वंचित रहना पड रहा है. एसटी महामंडल ने लागू करने की मांग हुकूमचंद मिश्रीकोटकर ने की है. रेल्वे मे 60 पूर्ण करनेवाले नागरिकों को रियायत मिलती है और आधार कार्ड को अधिकृत माना है.

आधार कार्ड पर ही सुविधा मिले
एसटी महामंडल ने रियायत देने के लिये स्मार्ट कार्ड बनाने के लिये आधार कार्ड की सक्ती की है लेकिन वरिष्ठ नागरिकों के अंगुठे का निशान नही मिलता, बहुत वर्ष पहले आधार कार्ड निकालने से उंगलियों का निशान मिलता नही इसलिये उन्हे वापिस लौटाया जाता है. वरिष्ठ नागरिकों को बस मे स्मार्ट कार्ड की सक्ती नही करना चाहिये. विभिन्न पार्टीयों के राजनेताओं का वरिष्ठ नागरिकों का कोई भी सहयोग नही मिलने से दिक्कते आने की बात हुकूमचंद मिश्रीकोटकर ने बतायी. विधायक, मंत्री, पालकमंत्री ने ध्यान देकर वरिष्ठ नागरिकों को न्याय देने की मांग हुकूमचंद मिश्रीकोटकर ने की है.