Published On : Wed, Oct 6th, 2021

चुनाव करीब आते देख निष्क्रिय नगरसेवक हुए आक्रामक

– आयुक्त और मनपा प्रशासन पर ठिकड़ा फोड़ रहे

नागपुर – राज्य सरकार द्वारा अगले वर्ष फरवरी-मार्च के दरम्यान मनपा चुनाव करवाने के निर्णय से नागपुर मनपा के वर्त्तमान नगरसेवक जो अगला चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं,वे पिछले साढ़े 4 साल शांत रहे और अब अचानक आक्रामक नज़र आने लगे.मनपा की सभा हो या फिर बाहर वे सभी मनपायुक्त और मनपा प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद कर जनता रूपी मतदाताओं को रिझाने लगे हैं.

याद रहे कि राज्य सरकार ने अगला मनपा चुनाव 3 सदस्यों वाला प्रभाग पद्दति से करवाने का निर्णय लिया हैं.राज्य सरकार में 3 पक्ष का समावेश हैं,इनमें से शिवसेना को छोड़ कांग्रेस व एनसीपी इस प्रभाग पद्दति का विरोध कर रही.तो दूसरी ओर भाजपा इसे ही आधार मान चुनावी तैयारी में लीन हो गई.

यह कड़वा सत्य है कि इस प्रभाग पद्दति के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस को ही लाभ होने वाली है,एनसीपी और शिवसेना को उम्मीदवारों का टोटा होने से चुनाव लड़ना उनके लिए बड़ा कठिन होगा।

इधर मनपा के वर्त्तमान नगरसेवकों में से अधिकांश दोबारा चुनाव लड़ने के इच्छुक नज़र आ रहे.इसलिए पिछले दो सभा से नगरसेवकों की आक्रामकता देखने को मिल रही.इस क्रम में पक्ष-विपक्ष के नगरसेवक,पदाधिकारियों ने मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी को निशाना बनाना शुरू कर दिया,इनमें से कुछ पदाधिकारी जो आयुक्त के सामने बोलने की हिम्मत नहीं करते वे अपने पक्ष के अन्य या विपक्ष के नगरसेवकों को अपने पक्ष में लेकर आयुक्त और मनपा प्रशासन पर हमला बोल रहे.

जहाँ तक अगला मनपा चुनाव की बात है भाजपा हो या फिर कांग्रेस दोनों ही पक्ष के आधे नगरसेवक घर बैठने वाले है.क्यूंकि या तो वे शुरुआत से ही निष्क्रिय रहे या फिर पिछले 2 साल से अपने-अपने क्षेत्रों में विकासकार्य करने का मौका नहीं मिला।

पिछले साढ़े 4 साल में मनपा की आर्थिक हालात दयनीय रही,राज्य सरकार ने भी उम्मीद के माफिक साथ नहीं दिया,इसलिए भी कि राज्य में तिकड़ी सरकार के विरोधी दल का मनपा में सत्ता हैं.

इन कठिन परिस्थितियों में अगला चुनाव लड़ने के इच्छुक जनता में अपनी पैठ बनाने के उद्देश्य से मनपा आयुक्त और मनपा प्रशासन पर निशाना साध रहे.बावजूद इसके मनपा आयुक्त सह मनपा प्रशासन टस से मस नहीं हो रही.

उल्लेखनीय यह है कि अगले चुनाव में उम्मीदवारी मिले इसलिए ऐसे नगरसेवक अब नागरिक मुद्दों पर हमला कर रहे हैं और आयुक्तों को निशाना बना रहे हैं। अगले 5 माह बाद चुनाव होने वाले है इसलिए मनपा की सभाओं में नागरिकों सम्बन्धी मुद्दों की संख्या में इजाफा हो गया.सत्तापक्ष के एक नगरसेवक ने तो आयुक्त को तक ललकार दिया कि वे एक माह मेरे प्रभाग में रह कर दिखाए।