
नागपुर – स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर परिवहन विभाग ने अब सख्ती बढ़ा दी है। नागपुर शहर में चल रही स्कूल बसों की जांच के दौरान बड़ी संख्या में वाहनों में नियमों की अनदेखी सामने आई है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की ओर से जारी वर्ष में 1,729 स्कूल बसों की जांच की गई। इनमें से 277 वाहनों में मोटर वाहन अधिनियम और संबंधित नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर ई-चालान सहित विभिन्न कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान आरटीओ अधिकारियों ने स्कूल बसों के परमिट, वैध योग्यता प्रमाणपत्र, बीमा, अग्निशामक यंत्र, वाहन की फिटनेस, विद्यार्थियों की निर्धारित क्षमता और बस में सवार बच्चों की संख्या समेत सुरक्षा से जुड़े कई मानकों की पड़ताल की। गंभीर खामियां मिलने पर 10 स्कूल बसों को मौके पर जब्त किया गया।
फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना दौड़ रही थीं बसें
आरटीओ की जांच में कुछ वाहन ऐसे भी पाए गए, जो वैध योग्यता प्रमाणपत्र के बिना विद्यार्थियों को लेकर सड़कों पर दौड़ रहे थे। ऐसे मामलों में विभाग ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नियमों का पालन नहीं करने वाले 44 स्कूल वाहनों के परमिट और पंजीयन को स्थायी रूप से रद्द किया गया है। इससे स्कूल बस संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में भी स्कूल बसों की जांच का अभियान जारी रहेगा।
नई व्यवस्था में पैनिक बटन और सीसीटीवी अनिवार्य
स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए 16 जुलाई 2026 की अधिसूचना के तहत स्कूल बस नियमावली में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नए प्रावधानों के अनुसार स्कूल बसों में पैनिक बटन और वीएलटीडी (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस) प्रणाली लगाना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा बसों में सीसीटीवी कैमरे तथा फायर डिटेक्शन और अलर्ट सिस्टम जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं।
फायर डिटेक्शन एवं अलर्ट सिस्टम के पैनल को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने सहित अन्य तकनीकी सुरक्षा उपाय भी नियमों में शामिल किए गए हैं। नए प्रावधानों की पूर्ति के लिए वाहन संचालकों को तीन माह की समयसीमा दी गई है।
बच्चों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी किरण बिड़कर ने कहा कि स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्कूल बसों की नियमित जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन मिलने पर ई-चालान, वाहन जब्ती तथा परमिट रद्द करने जैसी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। स्कूल बस संचालकों को सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के खिलाफ आने वाले दिनों में भी विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा।




