Published On : Wed, Sep 24th, 2014

तिवसा : संत्रा व्यवस्थापन पर किसानों का मार्गदर्शन

margdarshan
तिवसा।
  नींबू वर्गीय फलों पर विदर्भ के लिए तंत्रज्ञान अभियान (राष्ट्रीय फलोत्पादन अभियान ) भारत सरकार व तालुका कृषि अधिकारी तिवासा द्वारा संत्रा बागायतदारों के संत्रा व्यवस्थापन के बारे में तिवसा में प्रशिक्षण का आयोजन किया गया था. उक्त प्रशिक्षण में किसानो का रोपाई से संत्रा निकालने तक मागर्दर्शन किया गया.

मार्च 2014 में ओलावृष्टि के वजह से हंगाम में देर से आई बारिश की वजह से साथ ही संत्रा फल रिसाव इस वजह से किसानो के संत्रा फसलों का भारी नुकसान हुआ. किसानो की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण का आयोजन किया गया ऐसा तालुका कृषि अधिकारी तिवसा डॉ. पंकज चेडे ने बताया.

प्रशिक्षण का उद्घाटन अधीक्षक कृषि अधिकारी अमरावती दत्तात्रय मुले के हाथों किया गया. अध्यक्ष स्थान पर उपविभागीय कृषि अधिकारी मोर्शी अनिल खर्चान थे. किसानो ने प्रशिक्षण के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लाभ ले साथ ही देखभाल के लिए शिफारिश की तरह कीटनाशक फवारणी कर. अध्यक्षीय भाषण में अनिल खर्चान ने किसानों ने गट स्थापन करके स्वतः ग्रेडिंग व पैकिंग करके संत्रा बाजार में बेचे ऐसा आवाहन किया. राष्ट्रिय लिंबू वर्गीय फल संशोधन केंद्र से आये शास्त्रज्ञ डॉ. एम.आर. चौधरी ने परीक्षण की पार्श्वभूमी समझाकर बताई. किसानो ने नागपुरी संत्रा इस नाम से ही ब्रांडिंग करके विपणन करे ऐसा बताया. डॉ नारखेड़े ने संत्रे के लिए आवश्यक मिट्टी व खाद व्यवस्थापन पर मार्गदर्शन किया. डॉ. बोरकर ने संत्रा पुरनर्जीवन, डिंक्या निर्मूलन व संत्रा बहार के व्यवस्थापन के बारे में मार्गदर्शन किया. आभार प्रदर्शन मंडल कृषि अधिकारी तिवासा अनंतराव मस्करे ने किया. प्रशिक्षण में किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे.