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    Published On : Mon, Dec 9th, 2019

    ठग आंबेकर ने जमाई 200 करोड़ की संपत्ति

    नागपुर: 90 के दशक में इतवारी की सराफा ओली में दूकान के सामने बैठकर गहने पॉलिश करने का काम करने वाला संतोष आंबेकर आज 200 करोड़ रुपये का आसामी है. उसकी चल-अचल संपत्ति का आकलन किया जा रहा है. इससे पता चलता है कि अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद उसका सबसे बड़ा उद्देश्य था पैसा कमाना. इसके लिए आंबेकर ने हर तरह के हथकंडे अपनाए. शायद ही ऐसा कोई बुरा काम होगा जो उसने नहीं किया होगा. नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म हो या अपने लिए खतरा बन रहे अपराधियों की हत्या. वह इतना शातिर है कि अपने करीबी लोगों को घात पहुंचाने में भी जरा-सी देरी नहीं करता. अपने नाम की ब्रांडिंग करके आंबेकर ने लोगों से धोखाधड़ी की. धमकाकर फिरौती वसूलता रहा.

    अपने ऊपर दर्ज मामलों को मैनेज करने में वह साम-दाम-दंड-भेद लगा देता था, लेकिन पाप का घड़ा एक न एक दिन तो भरना ही था. आखिर शहर पुलिस ने उस पर ऐसा शिकंजा कस दिया कि वह खून के आंसू रोने पर मजबूर है. कहीं से कोई राहत नहीं मिल रही. इस काम में आंबेकर का साथ देने वाले हर शख्स पर पुलिस शिकंजा कसती जा रही है. पुलिस उसके डेढ़ दर्जन खातों की जांच कर रही है. इसके अलावा अलग-अलग लोगों के नाम पर खरीदी गई 109 संपत्तियों के दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं. सूत्रों का दावा है कि अब तक कम से कम 200 करोड़ रुपये की संपत्ति तो आंबेकर के पास है ही. जांच में यह आकड़ा बढ़ भी सकता है.

    कम्पनियों के नाम से खोल रखे बोगस खाते
    आंबेकर पेशेवर अपराधी के साथ-साथ पेशेवर ठग भी है. बिलकुल पेशेवर ठगों की तरह ही उसने अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रखे थे. इस काम में मुंबई की गर्लफ्रेंड जूही चौधरी, हवाला व्यापारी अरविंद पटेल और राजा अरमरकर जैसे लोग उसका साथ दे रहे थे. संतोष के नाम पर अलग-अलग बैंकों में 4 खाते होने की जानकारी मिली है. उसने अपनी पत्नी, बेटी और बेटे के नाम पर भी खाते खोल रखे थे.

    वह खुद को शहर के एक केबल चैनल का भागीदार बताता है, लेकिन इससे उसकी आवक नाममात्र है. लोगों से धोखाधड़ी और फिरौती मांग कर वसूली गई रकम को ठिकाने लगाने के लिए आंबेकर ने आधे दर्जन से ज्यादा बोगस कम्पनियां खोल रखी हैं. इन कम्पनियों द्वारा किसी प्रकार का उत्पाद न तो बेचा जाता है और न खरीदा जाता है. खातों में केवल रकम जमा होती रहती है. केवल बैंक खातों में ही यह कम्पनियां अस्तित्व में हैं. ऐसे करीब डेढ़ दर्जन खातों की जांच पुलिस कर रही है.

    ड्राइवर के नाम पर भी खरीदी जमीन
    आंबेकर पर मामले दर्ज करने के साथ-साथ पुलिस ने उसके संपर्क में रहने वाले हर शख्स की सूची तैयार की है. इस आधार पर आंबेकर और उससे जुड़े लोगों द्वारा खरीदी गई संपत्ति का भी लेखा-जोखा तैयार किया जा रहा है. पुलिस ने महानगरपालिका, सिटी सर्वे, एनआईटी और रजिस्ट्रार आफिस से आंबेकर और उससे जुड़े लोगों की 100 से ज्यादा संपत्तियों की जानकारी मांगी है. करीब 50 से ज्यादा प्रापर्टी में संतोष द्वारा ही बोगस तरीके से लिए जाने की जानकारी सामने आई है. किसी समय छोटे से प्लाट पर कवेलू के झोपड़े में रहने वाला आंबेकर अब जिस बंगले में रहता है वैसा बंगला पूरे इतवारी परिसर में नहीं है. आसपास रहने वाले लोगों की जमीन हथियाकर उसने अपना पापों का महल खड़ा किया है. जल्द ही इस पर भी गाज गिरने वाली है. यह बंगला भी नियमानुसार नहीं बनाया गया है. अपार्टमेंट की तरह उसका बंगला भी जल्द ही ढह सकता है.

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