Published On : Tue, Jan 24th, 2017

सातों समंदर पार की मिट्टी है अनिता सारडे के पास

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नागपुर:
कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दुबई, नेपाल, क़तर, श्रीलंका, मॉरिशस, शारजाह, चीन, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, जमुनोत्री, ऋषिकेश, कैलाश मानसरोवर, काशी, अयोध्या, गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, पंजाब, बिहार जैसे स्थानों का आपस में क्या संबंध?

सीधे तौर पर भले ही संबंध नजर न आता हो, लेकिन नागपुर के स्नेहनगर स्थित अनिता सारडे के आवास पहुँचते ही आपको उक्त सभी स्थानों का परस्पर संबंध समझ में आने लगता है। वह संबंध यह है कि इन सभी जगहों की मिट्टी अनिता सारडे ने अपने आवास में निर्मित निजी संग्रहालय में संजों कर रखी है। अनिता सारडे के संग्रहालय में भारत देश के धार्मिक तीर्थस्थलों और ऐतिहासिक महत्व के क्षेत्रों के साथ दुनिया भर के एक दर्जन से ज्यादा देशों की मिट्टी के 330 प्रकार संग्रहित है।

वसुधैव कुटुम्बकम की परंपरा को शिद्दत से चरितार्थ करने वाली अनिता सारडे का संग्रहालय हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जिनके लिए माटी का महत्व अपनी जान से बढ़कर है।


अनिता सारडे ने नागपुर टुडे को बताया कि उन्हें मिट्टी का संग्रहालय बनाने का ख्याल 2003 में अपनी कन्याकुमारी की यात्रा के दौरान आया, वहां उन्होंने देखा कि दर्शनार्थ आने वाले लोग मिट्टी को माथे पर लगाकर आनंदित और तृप्त महसूस कर रहे हैं। उन्होंने जल्दी ही समझ लिया था कि किसी भी स्थान का महत्व उसके मिट्टी के वजह से ही है। हर कोई घूम-घूमकर मिट्टी के महत्व का साक्षात्कार करना चाहता है, लेकिन अन्यान्य कारणों से कई लोग जगह-जगह घूमने की इच्छा होने के बावजूद घूम नहीं पाते, ऐसे लोग अनिता सारडे के संग्रहालय पहुंचकर जगह-जगह की मिट्टी देख-स्पर्श कर सकते हैं।


फ़िलहाल अनिता सारडे ने संग्रहालय में तरह-तरह की मिट्टी को अलग-अलग डिब्बे में संजों कर रखा है। उनके संग्रहालय में ऋषि व्यास द्वारा रचित श्रीमद्भागवत लिखे जाने वाले जगह की मिट्टी, महाभारत के कुरुक्षेत्र की मिट्टी, हल्दीघाटी की मिट्टी, गौतम बुद्ध के जन्मस्थल लुम्बिनी की मिट्टी, जलियांवाला बाग की मिट्टी, वाघा बॉर्डर, कारगिल जैसे जगहों की मिट्टी अपने-अपने ऐतिहासिक महत्त्व के साथ संग्रहित है। अनिता सारडे ने बताया कि देश की जितनी भी मिट्टी उनके यहाँ संग्रहित है, वह उन्होंने स्वयं ही उन-उन स्थानों की यात्रा कर एकत्रित की है। विदेश से मिट्टी उनके परिचित एवं रिश्तेदार उनके आग्रह पर लेकर आए हैं। अनिता सारडे के संग्रहालय को स्थापित हुए तेरह वर्ष पूरे हो गए।

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