Published On : Mon, Jul 15th, 2019

नगर में बनेगा सबसे ऊंचा साईं मंदिर

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नागपुर: नगर के साईं भक्तों की आस्था का केन्द्र वर्धा रोड स्थित साईंबाबा सेवा मंडल द्वारा संचालित साईं मंदिर का भविष्य में कायाकल्प होने जा रहा है. करीब 45 वर्ष बना साईं मंदिर समय के साथ जीर्ण होने लगा हैं. गत वर्ष साईंबाबा के 100वें समाधि वर्ष में 18 जनवरी 2018 को मंदिर में बाबा की चर्म पादुका आई थी. उस वक्त दर्शन के लिए आए भक्तों के लिए मंदिर का गर्भगृह व परिसर कम पड़ गया था. गुरुवार व त्योहारों पर मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तगण आते हैं. गत वर्ष मंदिर के गर्भगृह के स्लैब का कुछ हिस्सा भी जीर्ण होने के कारण टूट कर गिर गया था.

स्ट्रक्टरल आडिट कराए जाने पर मंदिर का स्लैब जीर्ण होने की बात सामने आई. स्ट्रक्टरल आडिटर ने मंदिर का जीर्णोद्धार करने की सलाह दी थी. मंडल के अध्यक्ष ओमप्रकाश उर्फ मुन्ना यादव व सचिव अविनाश शेगांवकर ने बताया कि उपरोक्त बातों को देखते हुए 28 नवंबर 2018 को हुई बैठक में मंदिर का जीर्णोद्धार करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया. मंदिर का नया नक्शा आर्किटेक्ट अशोक मोखा ने तैयार किया है. 45 वर्ष बने वर्तमान साईं मंदिर का नक्शा बनाने वाले दिवंगत आर्किटेक्ट शिवदानमल मोखा के वे पुत्र हैं. दीक्षाभूमि सहित कई प्रसिद्ध वस्तुओं की डिजाइन शिवदानमल मोखा ने ही बनाई थी.

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2 गुंबदों के भीतर रहेंगी 8 मंजिल
वर्तमान मंदिर परिसर 2 प्लाट को मिलकर बना है. उनका एकत्रीकरण कर म्युटेशन आदि किया गया है. 25,000 स्क्वे. फीट में प्रस्तावित मंदिर का निर्माण कार्य किया जाएगा. साईंबाबा का यह मंदिर देश में सबसे ऊंचा मंदिर रहेगा, जिसकी ऊंचाई करीब 190 फीट होगी. नया मंदिर 2 गुंबदों वाला होगा. पुराने गर्भगृह व साईंबाबा की मूर्ति को बरकरार रखते हुये सामने नया गुंबद बनाया जाएगा जो भीतर से आठ मंजिला रहेगा. गर्भगृह से सटकर मंदिर के दक्षिणी हिस्से में पंखुड़ियों की भांति निर्माण कार्य किया जाएगा. मंदिर के दक्षिणी हिस्से में ही आठ मालों पर जाने के लिए 3 लिफ्ट लगाई जाएंगी.

मेट्रो से कर सकेंगे दर्शन
मंदिर का निर्माण इस ढंग से किया जाएगा कि मंदिर के सामने से गुजरने वाली मेट्रो में सवार यात्री भी साईंबाबा के दर्शन कर सकेंगे. मंदिर का भूतल ही करीब 30 फीट ऊंचा रहेगा. इतना ही नहीं, 8वीं मंजिल पर खड़े होकर भी भक्त मंदिर के कलश का दर्शन आसानी से कर सकेंगे.

गुलाबी पत्थर लगाएंगे चार चांद
राजस्थान के गुलाबी पत्थर प्रस्तावित मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगाएंगे. गुलाबी पत्थर की ही जाली रहेगी, जो मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगाएगी.

8,000 स्क्वे. फीट का सभागृह
वाहनों की पार्किंग की समस्या को देखते हुये अंडरग्राउंड पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें करीब 40 कार और 500 दोपहिया वाहन पार्क किए जा सकेंगे. भूतल पर साईंबाबा का मंदिर होगा. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुये गर्भगृह के सामने करीब 8,000 वर्गफीट लंबा विशाल सभागृह बनाया जाएगा. इसके लिए मंदिर के सामने की खुली जगह भी उपयोग में ली जाएगी. भूतल और पहले माले के बीच मेझनाइन माला होगा जिसमें मंदिर के प्रशासनिक कामकाज के लिए कार्यालय का निर्माण किया जाएगा. पहले माले पर प्रसादालय व रसोईघर रहेगा. दूसरे माले पर ध्यान कक्ष बनाया जाएगा. बाहरगांव से आने वाले भक्तों के लिए निवास, भोजनालय की यहां व्यवस्था रहेगी. इसके अलावा स्वास्थ्य सेवा तथा अन्य सेवाभावी कार्य किए जाएंगे.

साईंबाबा की आशीर्वाद मुद्रा वाली आदमकद प्रतिमा
8वें माले पर मंदिर के पहले गुबंद के बाहरी हिस्से में साईंबाबा की संगमरमर की आशीर्वाद मुद्रा वाली आदमकद प्रतिमा की स्थापना की जाएगी. प्रतिमा की ऊंचाई करीब 15 फुट रहेगी.

75 करोड़ की आएगी लागत
प्रस्तावित विशाल मंदिर के निर्माण के लिए करीब 75 करोड़ रुपये खर्च आएगा. मेट्रो रिजन के अंतर्गत 4 एफएसआई मिलेगा. जिसके लिये करीब 20 करोड़ रुपये देने होंगे. मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस साईं मंदिर के सदस्य रहे हैं और मंदिर भी उन्हीं के निर्वाचन क्षेत्र में आता है. राज्य सरकार अन्य धार्मिक स्थलों की मदद करती रही है. इसलिये मंदिर की एफएसआई की रकम माफ करने और निर्माण में आर्थिक सहयोग के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है. साथ ही केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तथा शिर्डी संस्थान के अध्यक्ष डा. सुरेश हावरे को भी आर्थिक मदद के लिए पत्र लिखा गया है. भक्तों से भी आर्थिक सहायता मांगी जाएगी. राज्य सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद नक्शा मंजूर करने व अन्य काम किए जाएंगे व मंदिर का निर्माण किया जाएगा.

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