Published On : Wed, Jan 22nd, 2020

RTE : अधिनियम धारा 18 के तहत केवल 20 स्कूलों ने किया पंजीकरण

RTE act amendment

नागपुर- मुफ़्त शिक्षा के अधिकार अधिनियम RTE act का उल्लंघन करने वाली स्कूलों School को मुफ़्त शिक्षा का अधिकार अंतर्गत ऑनलाइन प्रक्रिया में शामिल कर रहा शिक्षा विभाग। आरटीई एक्शन कमेटी के चेयरमैन मो. शाहिद शरीफ़ ने शिक्षा विभाग की प्रक्रिया को संदेह के घेरे में बताते हुए बताया कि अधिनियम 2009 धारा 18 के तहत सभी स्कूलों को तीन वर्ष के अंतराल में पंजीयन कराना अनिवार्य है और साथी नमूना दो की परिपूर्ति कर शिक्षण विभाग से पंजीयन प्रमाण पत्र लेना है।

नागपुर ज़िले में निजी स्कूलों की संख्या 2494 और इसमें से मात्र 940 शालाओं ने पंजीयन कराया था। जिसकी तिथि 1 /4/2016 से 1/4/2019 तक समाप्त हो गई और उसके बाद 1/4/2019 से 21/1/2020 तक केवल 20 स्कूलों ने पंजीयन कराया है और आज भी बहुसंख्या में त्रुटियों की परिपूर्ति स्कूलों द्वारा की नई गई है। जिसके कारण उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव पंजीयन के लंबित है ऐसी परिस्थिति में शिक्षा विभाग मुफ़्त शिक्षा के अधिकार अंतर्गत प्रक्रिया को संचालित कर रहा है और नियम के तहत पंजीयन न करने वाली स्कूलों पर प्रतिदिन 10 हज़ार रुपये जुर्माने का प्रावधान है और तीन माह में परिपूर्ति न करने के बाद एक लाख रुपये जुर्माना शिक्षा अधिकारी प्राथमिक द्वारा कार्रवाई करने के अधिकार है।

लेकिन सवाल ये उठता है कि आज तक एक भी स्कुल के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं स्कूलों द्वारा राशि मिलने के बाद भी पालकों से पैसा वसूला जा रहा है। ऐसी हालत में स्कूलों को मिलने वाली राशि पर रोक लगनी चाहिए क्यों की पालक और सरकार को गुमराह कर आनियमित रूप से पैसे वसूल करने का गोरखधंधा स्कूलों द्वारा किया जा रहा है ।

अधिनियम के तहत शिक्षा अधिकारी प्राथमिक स्कूलों पर कार्रवाई नहीं करते हैं तो ऐसे हालात में ऑनलाइन प्रक्रिया को न्यायालय में चुनौती देने की परिस्थिति निर्माण होगी और उसके लिए शिक्षा विभाग ज़िम्मेदार होगा।