Published On : Sun, Aug 1st, 2021

आर.टि.ई प्रवेश घोटाल : २ पालकों के ३ तीन आवेदन लॉटरी में लगे एक ही स्कूल में

जाँच समिति शंका के घेरे में :शाहिद शरीफ़

नागपुर: मुफ़्त शिक्षा के अधिकार में प्रवेश पाने के लिए लोगों ने हथकंडे अपना ने में कोई कसर नहीं छोड़ी और सवाल तो यह खड़ा होता है के वेरीफिकेशन कमिटी ने क्या किया और इस स्कूल ने क्या किया?

आर टी ई एक्शन कमिटी के चेयरमैन शाहिद शरीफ़ द्वारा सभी URC और BEO की समितियों के कार्यप्रणाली पर नज़र रखी हुई थी कि आख़िरी दिन तक वो अनिर्माताओं को नज़रअंदाज़ कर के प्रवेश करता है क्या आज अंतिम दिन ये सारे मामले प्रशासन के सामने उजागर किए जा रहे हैं उच्च न्यायालय के आदेश को हनन करते हुए है BEO ने अपने लोगों को नियुक्ति किया और कई ऐसे भी कर्मचारी है जो कार्यालय में कार्यरत है और पैरेंट प्रतिनिधि कह के उनको समिति में रखा गया जिस से जो भी अनियमितताएं है और खामियां हैं उन्हें नज़रअंदाज़ कर के प्रवेश देने का कार्य चल रहा है
इसी भ्रष्टाचार का एक हिस्सा जो के काटोल वेरीफिकेशन कमिटी की लापरवाही से सामने आया है

आवेदन क्रमांक21NG024385 Kush /PARAGTI
21NG025825 khush/PARAGTI
21NG033754 kush/PARAGTI
इस आवेदन में पिता का नाम अलग अलग है और माँ का नाम भी है
दूसरे आवेदन क्रमांक में (आड़ नाव )मतलब सरनेम अलग अलग है और बाप,माँ का नाम भी है जो क्रमांक 21NG026285 Nihant CONFER
21NG022900 Nihant CONFER
21NG033747 NIHANT WAITG

यह मामला अरविंद इंडो CBSE स्कूल काटोल का है भवन NTPC और रिलायंस स्कूल में भी इस तरीक़े से दस्तावेजों की हेरा-फेरी हुई है अब सवाल ये उठता है कि एक तरफ़ संचालक ने नाम में गलती होने पर दुरुस्त कर प्रवेश देने की बात की है लेकिन इसका फ़ायदा अनेक आवेदन कर सरकार को गुमराह कर अधिकारियों के आशीर्वाद से पालक प्रवेश पाने में क़ामयाब होते जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी के अंतर्गत आने वाले अधिकारियों पर कोन नियंत्रण करेगा ।

अधिनियम के तहत और आदेश के अनुसार सरकार के साथ धोखा धड़ी करने वाले के विरोध में अधिकारियों को आपराधिक मामला दर्ज करना है लेकिन धोखा धड़ी में अधिकारी स्वयं शामिल है तो इनके ऊपर कार्रवाई क्या कार्यकारी अधिकारी कर पाएंगे इस सारे मामले को हम उच्च न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे और प्रवेश में जो घोटाले चल रहे हैं उसकी जाँच करवाएंगे।

आदेशों का उल्लंघन करते हुए हाल ही में आई हुई नियमावली में ये स्पष्ट कहा गया है कि जिस भी पालक में 1 से अधिक आवेदन किया है उसका प्रवेश नहीं दिया जाएगा लेकिन नियमों को ताक पे रखते हुए ये दोनों पेरेंट्स को प्रवेश दे दिया गया इससे यह स्पष्ट हो गया है कि हेरा-फेरी में स्कूल और अधिकारी दोनों मिले हुए ।