Published On : Mon, Nov 6th, 2017

मोहन भागवत ने की आरक्षण की वकालत, कहा- समाज में बराबरी के लिए जरूरी

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भेदभाव के शिकार पिछड़े वर्ग के लोगों को समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए आरक्षण की वकालत की है. उन्होंने कहा, देश का दुर्भाग्य है कि जातिगत छुआ-छूत के चलते अपने ही समाज का एक बड़ा वर्ग पिछड़ गया. इस विषमता को हमें जल्द-से-जल्द खत्म करना होगा.

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जयपुर के चित्रकूट स्टेडियम में RSS के ‘स्वर गोविंदम’ कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि भेदभाव दूर करने के लिए हर जरूरी उपाय किए जाने चाहिए. इसके लिए संविधान में पहले से प्रावधान हैं, उन्हें ठीक ढंग से लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि विषमता खत्म होने तक पीछे छूट गए लोगों को वह लाभ मिलता रहे, इसको लेकर किसी की राय अलग नहीं है.

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उन्होंने कहा कि आरएसएस का पहले से ही यह मत है, लेकिन केवल व्यवस्था से समता नहीं आती. उन्होंने कहा कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि हमने राजनीतिक स्वंतत्रता प्राप्त कर ली है, आर्थिक स्वतंत्रता का प्रावधान संविधान में किया है, लेकिन देश में स्वतंत्रता और समता लानी है तो समानता रखनी होगी. हमारा भी मानना है कि बंधुता, समरसता मानवता का रूप है.

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संघ प्रमुख ने इसके साथ ही कहा कि भारत हिन्दू राष्ट्र है और हम सब हिन्दू हैं. हम वसुधैव कुटुम्बकम में विश्वास करते हैं. भारत में विदेशी ताकतों ने कभी राज किया तो वह भारत की कमजोरी की वजह से नहीं बल्कि देश की अंदरूनी लडाई की वजह से किया. भागवत ने कहा कि इस गलती को दोहराया नहीं जाना चाहिए.

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