
पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा; वारदात में इस्तेमाल फॉर्च्यूनर कार जब्त, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
नागपुर टुडे – नागपुर शहर के एमआईडीसी थाना क्षेत्र में ज्वेलर्स की दुकान में हथियार का डर दिखाकर करीब 40 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लूटने के मामले का नागपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। इस वारदात को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार आरोपियों को उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश और हरियाणा तक जांच का जाल फैलाया। करीब 300 से 400 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। तकनीकी जांच, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दिनदहाड़े ज्वेलर्स की दुकान में प्रवेश कर वहां काम करने वाले युवक को बंदूक जैसी दिखने वाली वस्तु का डर दिखाया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद दुकान में रखे सोने-चांदी के आभूषण जबरन छीन लिए। वारदात के दौरान कर्मचारी के साथ मारपीट भी की गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
इस मामले में नागपुर शहर के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने 14 अक्टूबर को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस की कार्रवाई और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों की जानकारी दी। उनके मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच की टीमों ने लगातार सात दिनों तक आरोपियों का पीछा किया और अलग-अलग राज्यों में दबिश देकर चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई फॉर्च्यूनर कार भी जब्त की है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
हिंगणा रोड पर ज्वेलर्स की दुकान को बनाया निशाना
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह वारदात 3 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 4.40 बजे से 4.55 बजे के बीच एमआईडीसी पुलिस थाना क्षेत्र में हिंगणा रोड स्थित महाकाली बार के सामने हुई।
गजानन नगर, एमआईडीसी निवासी राकेश सुभाष ढोमणे (39) की यहां ‘ढोमणे ज्वेलर्स’ नाम से सोने-चांदी के आभूषणों की खरीद-बिक्री की दुकान है। घटना के समय दुकान में उनका कर्मचारी शुभम खेमराज हाडगे (24) मौजूद था।
इसी दौरान चार अज्ञात व्यक्ति दुकान में दाखिल हुए। आरोपियों ने शुभम को बंदूक जैसी दिखाई देने वाली वस्तु का भय दिखाया। उसे जान से मारने की धमकी देकर आतंकित किया और दुकान में रखे सोने-चांदी के आभूषण जबरन छीन लिए।
लूटे गए आभूषणों का कुल वजन लगभग 350 ग्राम बताया गया है, जबकि उनकी अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये थी। वारदात के दौरान आरोपियों ने शुभम के साथ मारपीट भी की और इसके बाद मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद ज्वेलर्स संचालक की शिकायत पर एमआईडीसी पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया।
एमआईडीसी पुलिस और क्राइम ब्रांच ने शुरू की समानांतर जांच
वारदात की गंभीरता को देखते हुए एमआईडीसी पुलिस और नागपुर क्राइम ब्रांच ने समानांतर रूप से जांच शुरू की। आरोपियों की पहचान करना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती थी, क्योंकि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो चुके थे।
पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटाई। इसके बाद करीब 300 से 400 सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया। आरोपियों की गतिविधियों, उनके संभावित भागने के रास्तों और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की गई।
जांच में तकनीकी विश्लेषण के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की भी मदद ली गई। पुलिस ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को एक-दूसरे से जोड़ते हुए आरोपियों की पहचान और उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने का प्रयास किया।
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को आरोपियों के महाराष्ट्र से बाहर होने की जानकारी मिली। इसके बाद क्राइम ब्रांच की दो विशेष टीमें उत्तर प्रदेश और हरियाणा के लिए रवाना की गईं।
उत्तर प्रदेश में चार दिन तक पहचान छिपाकर तलाश
पुलिस के सामने चुनौती केवल आरोपियों के ठिकाने का पता लगाना नहीं थी, बल्कि दूसरे राज्यों में उनकी पहचान सुनिश्चित कर उन्हें गिरफ्तार करना भी था।
प्रेस नोट के मुताबिक, क्राइम ब्रांच की दोनों टीमों ने स्थानीय क्षेत्रों में चार दिनों तक अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए जांच की। इस दौरान तकनीकी जानकारी जुटाने के साथ स्थानीय पुलिस की मदद ली गई।
टीमों ने आरोपियों के संभावित ठिकानों, उनकी गतिविधियों और आपसी संपर्कों के संबंध में जानकारी एकत्र की। जांच के लिए जरूरत पड़ने पर क्राइम ब्रांच की तीसरी टीम को भी दूसरे राज्य में भेजा गया।
पुलिसकर्मी लगातार आरोपियों के पीछे लगे रहे। स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर अलग-अलग स्थानों पर तलाश की गई। इस दौरान मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन का पता लगाने और उन्हें हिरासत में लेने की कार्रवाई आगे बढ़ाई।
आखिरकार सात दिनों के लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता मिली।
बरेली से पहली गिरफ्तारी, पूछताछ में सामने आए अन्य नाम
पुलिस ने सबसे पहले आरोपी अभिषेक सिंह ठाकुर को उत्तर प्रदेश के बरेली से हिरासत में लिया।
उससे गहन पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान वारदात में शामिल अन्य साथियों के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद जांच टीम ने अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी।
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान गिरोह के तीन अन्य सदस्यों को भी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों से हिरासत में लिया। इनमें दो आरोपी नोएडा से और एक आरोपी मेरठ से पकड़ा गया।
इस प्रकार ज्वेलर्स की दुकान में हुई करीब 40 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
बरेली, नोएडा और मेरठ से पकड़े गए चार आरोपी
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का विवरण इस प्रकार है—
1. अभिषेक सिंह ठाकुर — बरेली, उत्तर प्रदेश।
2. जयराम उर्फ जोगिंदर अशोक सिंह ठाकुर (19 वर्ष) — नोएडा, उत्तर प्रदेश।
3. शुभांकित निलेशकुमार चतुर्वेदी (22 वर्ष) — नोएडा, उत्तर प्रदेश।
4. राजन सामी शर्मा (29 वर्ष) — मेरठ, उत्तर प्रदेश।
पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी कथित तौर पर इस वारदात में शामिल थे। पुलिस प्रेस नोट में उन्हें आदतन और रिकॉर्ड पर मौजूद अपराधी बताया गया है। मामले में उनकी सटीक भूमिका, लूटे गए आभूषणों की बरामदगी और अन्य साथियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।
वारदात में इस्तेमाल फॉर्च्यूनर कार जब्त
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई फॉर्च्यूनर कार भी जब्त की है। वाहन का पंजीकरण क्रमांक MH-49-B-9192 बताया गया है।
पुलिस अब जब्त वाहन से जुड़े तथ्यों और आरोपियों की गतिविधियों की जांच कर रही है। इसके साथ ही लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों की बरामदगी और वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस की जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि आरोपियों ने नागपुर में इस दुकान को किस आधार पर निशाना बनाया और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार होने के लिए किन रास्तों का इस्तेमाल किया। इन बिंदुओं पर आगे की जांच जारी है।
दूसरे राज्यों की पुलिस से समन्वय बना जांच की अहम कड़ी
इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नागपुर क्राइम ब्रांच को दूसरे राज्यों की पुलिस से सहयोग मिला। पुलिस प्रेस नोट में उत्तर प्रदेश के बदायूं स्थित SWAT टीम के हेड कांस्टेबल सचिन झा तथा सहारनपुर के एसआई नीरज पवार के साथ पुलिसकर्मियों हरेंद्र, अमित चिकारा, जोगेंद्र और विवेक राणा के विशेष सहयोग का उल्लेख किया गया है।
दूसरे राज्यों में आरोपियों की तलाश के दौरान स्थानीय पुलिस से समन्वय स्थापित करना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने की कार्रवाई की।
इस तरह नागपुर में हुई वारदात की जांच केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रही, बल्कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों तक पहुंची। लगातार निगरानी, तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और संयुक्त प्रयासों के बाद पुलिस चार आरोपियों को हिरासत में लेने में सफल रही।
पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई को नागपुर शहर के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल, सह पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) राजेंद्र दाभाडे, पुलिस उपायुक्त (डिटेक्शन) दीपक अग्रवाल और सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम ब्रांच) वैभव जाधव के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया।
क्राइम ब्रांच की पुलिस निरीक्षक शुभांगी देशमुख तथा सहायक पुलिस निरीक्षक चेतन बोरखेडे, नितीन चुलपार और राजाराम जाधव सहित जांच में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्रवाई में योगदान दिया।
पुलिस टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय के माध्यम से मामले को सुलझाने की दिशा में काम किया।
लूटे गए आभूषणों की बरामदगी और अन्य आरोपियों की तलाश जारी
ज्वेलर्स की दुकान में हुई इस वारदात में चार आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता है। हालांकि, मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। साथ ही लूटे गए आभूषणों की बरामदगी और वारदात में प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट करने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के सामने अब दो प्रमुख चुनौतियां हैं—लूटे गए करीब 40 लाख रुपये के आभूषणों की बरामदगी और इस अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचना। जांच पूरी होने के बाद ही वारदात की पूरी साजिश और गिरोह के नेटवर्क के संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
– रविकांत कांबले



